मंडी के बिपाशा सदन के स्टोर में गुरुवार देर रात आग भड़क गई। इससे स्टोर में रखा चुनाव आयोग का रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। स्टोर में करीब 200 फाइलें रखी थीं। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी के बिपाशा सदन के स्टोर में गुरुवार देर रात आग भड़क गई। इससे स्टोर में रखा चुनाव आयोग का रिकॉर्ड जलकर राख हो गया। स्टोर में करीब 200 फाइलें रखी थीं। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक स्टोर में रखा सारा सामान जल चुका था। अग्निशमन अधिकारी पिनाम सिंह ने बताया की आग पर काबू पाने के लिए दो गाड़ियां लाई गई थीं। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। शेष भवन को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया है।
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उरला के नौशा जंगल में लगी आग
उधर, द्रंग क्षेत्र के सेगलढूहग जंगल में लगी आग की घटना के बाद गुरुवार सुबह वन रेंज उरला का नौशा जंगल धू-धू जल गया। लगभग 60 हेक्टेयर जंगल आग घटना की चपेट में आने से दिनभर हड़कंप मचा रहा। गांवों तक आग पहुंचने का खतरा बना हुआ है। इससे लोग चिंतित हैं। दमकल विभाग, वन विभाग की टीमें ग्रामीणों के साथ संयुक्त रूप से आग बुझाने में जुटी हैं। जानकारी के अनुसार सुबह करीब नौ बजे नौशा जंगल में अचानक आग सुलग गई। तेज हवा में आग ने एकाएक पूरे जंगल को घेर लिया। गदयाह और घरेहड़ में आग से खतरा बन गया है। दोनों गांवों के लोगों की फसल भी आग की चपेट में आ गई है। सनोली, नौशा, तालगढ़, घरेहड़, गदयाह गांव के भारी संख्या में ग्रामीण आग बुझाने के लिए जुटे रहे। रेंज आफिसर उरला शुकरू राम ने बताया कि नौशा जंगल में आग पर काबू पाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। रिहायशी मकानों को बचाने के लिए दमकल चौकी पधर की टीम मौके पर जुटी है। कहा कि विभाग पधर थाना में एफआईआर दर्ज करवाएगा।
जोगिंद्रनगर में जंगल की आग में गोशाला राख
वहीं, जोगिंद्रनगर उपमंडल में जंगल की आग से गोशाला जलकर राख हो गई। घटना में करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से जंगल की आग की जद में आए दोमंजिला मकान को बचा लिया है। तीन मवेशी भी जलने से बचे। वीरवार दोपहर बाद लखनोट गांव के साथ लगते जंगल में भड़की आग रिहायशी इलाके तक आ पहुंची। शारदा देवी निवासी लखनोट की गोशाला आग की चपेट में आ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहले गोशाला में बंधे तीन मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला। उसके बाद आग पर काबू पाने के लिए पूरा गांव जुट गया। दमकल विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को बेकाबू आग की जानकारी दी गई। तीनों विभाग की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का कार्य शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जंगल की आग पर काबू पाया जा सका। जोगिंद्रगनर स्थित अग्निशमन केंद्र के प्रभारी शेर सिंह सकलानी ने कहा कि घटना से दो लाख का नुकसान हुआ है।