मॉक ड्रिल के लिए रवाना हुई दमकल की गाड़ी को सात मिनट के सफर में लग गए दस मिनट, आग लगने पर भारी पड़ सकता है अतिक्रमण दुकानदार ने सड़क की तरफ बढ़ा रखा था छज्जा गाड़ी रोककर पीछे करवाया, फिर पूरी हुई मॉक ड्रिल अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के लोअर बाजार में मॉक ड्रिल के लिए रवाना हुई दमकल की छोटी गाड़ी शुक्रवार को दुकानों के छज्जों में फंस गई। काफी देर तक गाड़ी बाजार में फंसी रही। दुकानदार के छज्जे और आगे बढ़ाया गया सामान समेटा गया जिसके बाद ही दमकल की गाड़ी आगे रवाना हो पाई। लोगों का कहना है कि आग लगने की स्थिति में यह अतिक्रमण भारी पड़ सकता है।
बाकी दिनों में सात से आठ मिनट में पूरा होने वाला लोअर बाजार का सफर शुक्रवार को दस मिनट में पूरा हो पाया। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर दमकल की टीम रोजाना शहर के बाजारों में मॉक ड्रिल करती है। इसका मकसद बाजार से अतिक्रमण कम करना और आगजनी जैसी आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाना है। शुक्रवार दोपहर करीब 2:17 बजे दमकल की टीम सीटीओ चौक से लोअर बाजार के लिए रवाना हुई। जैसे ही पंसारी चौक से 50 मीटर आगे एक नामी दुकान के पास पहुंची चालक ने गाड़ी रोक दी। दुकानदार ने यहां दुकान का छज्जा आगे कर रखा था। इसके अलावा आसपास के दुकानदारों ने सड़क पर सामान भी सजा रखा था। दमकल टीम ने तुरंत छज्जा पीछे करने और सामान हटाने को कहा। दुकानदार के टेंटनुमा छज्जा पीछे करने और सामान हटाने के बाद ही दमकल की गाड़ी यहां से रवाना हो पाई। दोपहर 2:27 बजे दमकल की गाड़ी नाज चौक पर पहुंची। लोअर बाजार का सफर पूरा करने में शुक्रवार को करीब तीन मिनट का ज्यादा समय लग गया। मालरोड स्थित दमकल केंद्र के अनुसार शुक्रवार को दस मिनट में मॉकडि्रल पूरी हो पाई है।
बाजार में अतिक्रमण, अब छोटी गाड़ी भी फंस रही
आम दिनों में दमकल विभाग बड़े वाहन के साथ लोअर बाजार में मॉक ड्रिल करता है। बीते कुछ दिन से विभाग अब छोटा वाहन बाजार में भेज रहा है। बाजार में अतिक्रमण इतना ज्यादा है कि यह छोटा वाहन भी अब फंसने लगा है। इससे बाजार से अतिक्रमण हटाने के नगर निगम के दावों की भी पोल खुल गई है। नगर निगम ने कागजों में तो लोअर बाजार को नो वेडिंग जोन घोषित किया है लेकिन यहां सैकड़ों तहबाजारी सामान बेच रहे हैं। दुकानों के आगे तहबाजारी सड़क पर सामान सजा रहे हैं। कई दुकानदार भी सड़कों पर सामान रख रहे हैं।