पिछले बारह दिन से शेर सिंह और उसके घर वालों को परेशान कर रही रहस्यमयी आग अब बुझ गई है। दो दिन से घर में आग लगने की कोई घटना नहीं घटी। लेकिन इसे लेकर अब पूरे इलाके में अंधविश्वास का धुंआ फैल रहा है। घर का मालिक फिर तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ गया है।
इलाके में इस घटना को लेकर तमाम तरह की कहानियों का बाजार गर्म है। हालांकि इस मामले की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। शनिवार को बाड़ी गांव में आग की लपटें नहीं उठीं। शेर सिंह ने बताया कि आज इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। शेर सिंह के घर में आने जाने वाले लोगों का सिलसिला जारी है।
इलाके में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। अंधविश्वास की कहानियां व किस्से भी बढ़ा चढ़ाकर सुनाए जा रहे हैं। शेर सिंह भी इसी अंधविश्वास के शिकार हैं। उन्होंने बताया कि काफी समय से उनके घर में अजीबो-गरीब घटनाएं हो रही थीं। पहले तो वह इन्हें महज साधारण बात समझ रहे थे, लेकिन जब आग रोज लगने लगी तो परिवार के लोग डरने लगे।
उनके मुताबिक नौ सितंबर से लग रही इस आग से उनका लगभग तीन लाख का सामान जल गया है। समस्या के समाधान के लिए देवी-देवताओं सहित वे कई जगह गए। लेकिन बात नहीं बनी। 18 सितंबर को उन्होंने पालमपुर से किसी व्यक्ति को बुलाया था। अब उन्हें विश्वास हो रहा है कि पुन: यह घटना नहीं होगी। अब इस आग का असली रहस्य फारेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलेगा।
चुनौती: अब सच सामने लाएं वैज्ञानिक
शिमला। बिलासपुर के बाड़ी गांव में रहस्यमय तरीके से लगी आग वैज्ञानिकों के लिए भी एक नई चुनौती बन गया है। हालांकि वैज्ञानिक इसे कोई बड़ा मामला नहीं मान रहे हैं लेकिन स्थानीय लोग तांत्रिक के बहकावे में आकर अंधविश्वास की चपेट में हैं।
शेर सिंह के घर में लगी आग भले बुझ गई हो लेकिन जब तक वैज्ञानिक आग की सच्चाई को सामने नहीं लाते हैं, तब तक लोग इस तरह के अंधविश्वास में घिरे रहेंगे। सच्चाई सामने न आने से उनकी अंधविश्वास की जडे़ं और मजबूत होती जाएंगी। सामाजिक कार्यकर्ता व लेखिका सरोज वशिष्ठ कहती हैं कि सिर्फ अंधविश्वास कह कर पूरे मामले को खारिज नहीं किया जा सकता अब राज्य सरकार व वैज्ञानिकों इस आग का वैज्ञानिक कारण सामने लाने होंगे।
क्योंकि इस तरह के अंध विश्वास से जनता कभी भी मुसीबत में फंस सकती है। फोरेंसिक साइंस लैब जुन्गा के निदेशक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि उन्होंने मंडी फोरेंसिक साइंस लैब के उप निदेशक को जांच के आदेश जारी कर सच्चाई का पता लगाने को कहा है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर जांच टीम को मौके पर कई दिन तक रहने की भी हिदायत दी है।