राजधानी की सड़कों पर अब बसें मनमर्जी से नहीं दौड़ेंगी। परिवहन विभाग शहर में चलने वाली 130 एचआरटीसी और 110 प्राइवेट बसों के लिए ज्वाइंट टाइम टेबल बनाएगा। टाइम टेबल बनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टाइम टेबल में बसों की फ्रीक्वेंसी भी तय रहेगी।
बसों की आपसी गलाकाट स्पर्धा के कारण हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने का फैसला लिया है। शहर की सड़कों पर यात्रियों को नियमित अंतराल पर बस सुविधा मिल सके इसके लिए ज्वाइंट टाइम टेबल में बसों की फ्रीक्वेंसी तय होगी।
टाइम टेबल बनाने के लिए परिवहन विभाग ने एचआरटीसी और प्राइवेट बसों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। बसों के ज्वाइंट टाइम टेबल के अभाव में अभी तक शहर में बसें मनमाने समय पर दौड़ रही हैं। टाइम टेबल तय न होने के कारण बसों के ड्राइवर मनमाने समय पर बसें दौड़ा रहे हैं और अक्सर आपस में उलझते हैं।
परिवहन विभाग टाइम टेबल तय करने के लिए एचआरटीसी और प्राइवेट आपरेटरों का जनरल हाउस बुलाने जा रहा है। हाउस में बसों की फ्रीक्वेंसी और टाइम टेबल फाइनल किया जाएगा। टाइम टेबल बनने से शहर में इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
शुरू कर दी गई है प्रक्रिया: प्रशांत
शहर में चलने वाली सभी एचआरटीसी और प्राइवेट बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही प्राइवेट बस आपरेटरों और निगम के साथ जनरल हाउस आयोजित कर टाइम टेबल फाइनल कर दिया जाएगा।
- प्रशांत देष्टा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शिमला
एक ही समय पर चार-चार बसें
शहर में अभी एक बस स्टॉप से एक ही समय में चार बसों की रवानगी का समय तय है। टाइम फिक्स न होने से बसें कंपीटीशन में दौड़ रही हैं। इसके चलते हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ज्वाइंट टाइम टेबल बनने के बाद बसें तय फ्रीक्वेंसी पर चलेंगी। इससे यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।