डलहौजी में स्पेशल ब्यूरो (इंटेलीजेंस) कार्यालय के जलने के बाद हुई पड़ताल में आईटीबीपी जवानों को कार्यालय की सुरक्षा के लिए दिए गए कुल कारतूसों में से चालीस गायब पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार आईटीबीपी के रिकॉर्ड में सुरक्षा के लिए तैनात इन जवानों को पांच सौ कारतूस जारी किए गए थे।
लेकिन, घटना के बाद पुलिस को केवल 460 कारतूस ही बरामद हो पाए हैं। इनमें 69 जली हुई हालात में मिले हैं जबकि 11 कारतूस चले हैं। छानबीन में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शनिवार की रात नशे में धुत होकर आरोपी जवान ने फायर किये होंगे।