हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के ढालपुर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में शुक्रवार रात 2:00 बजे मेला मैदान में आग लग गई। आग से देवताओं के 12 और देवलुओं के आठ टेंट व पांच दुकानें जलकर राख हो गईं। आग से एक पुलिस कर्मी समेत चार लोग भी झुलसे हैं। देवलुओं ने आग की लपटों के बीच बड़ी मुश्किल से अस्थायी शिविरों में विराजमान देवरथों को बाहर निकाला, लेकिन टेंट और दुकानों के अलावा देवताओं के ढोल, नगाड़े समेत अन्य सामान जल गया। अस्थायी शिविर के बाहर लगी एक कार भी राख हो गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के अनुसार आग की इस घटना में महज 15 मिनट में करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि दो करोड़ की संपत्ति जलने से बचाई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद रसोई गैस सिलिंडर में भी धमाका हुआ, जिससे यहां हड़कंप मच गया। इससे पहले देवताओं की शाम को आरती की गई। इसके बाद खाना खाकर देवताओं के साथ आए देवलू अस्थायी शिविरों में सोए हुए थे।
तभी अचानक पहले एक शिविर आग की चपेट में आया। उसके बाद अन्य शिविर भी आग की चपेट में आ गए। इस बीच देवलू भी नींद से जाग गए। तभी दमकल विभाग को भी सूचित कर दिया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां भी ढालपुर मैदान में ही खड़ी थीं, लेकिन टेंटों में लगे तिरपालों के चलते महज 15 मिनट में देवताओं के 12, देवलुओं के आठ टेंट, चार जूतों की दुकानें, एक प्लास्टिक की बाल्टियों की दुकान जल गई। हालांकि मौके पर तीन टेंटों को सुरक्षा के लिहाज से उखाड़ा गया। देवलू सिर्फ देवरथों को ही बचा पाए, बाकी सामान जलकर राख हो गया। इस बीच एक पुलिस कर्मी और तीन अन्य लोग भी झुलस गए।
घायल चमन लाल का कुल्लू अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि तीन को हल्के उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मेला कमेटी के अध्यक्ष सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि आग की घटना के बाद बजंतरियों और कारदारों को 25-25 हजार रुपये की फौरी तौर पर राहत दी जा रही है। दुकानदारों को भी 25-25 हजार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि देवताओं के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उनके स्थलों को पहले से भी बेहतर किया जाएगा।
इन देवताओं के टेंट जले
इस घटना में मार्कंडेय ऋषि पेड़चा, देवता शेषनाग विशलाधार, पंचवीर खुनव, आदि ब्रम्हा धारठा, पंचवीर करटाह, जहल कुढ़ाची, पंचवीर जिभी कंडी, खोडू प्रेमनगर, शांघड़ी स्तरीग, पंचवीर सोती गांव, माता नरसिंगी कटराईं के टेंट जल गए हैं। दिल्ली के सकुन, पिंटू सागर, राजू, नितिन कुमार की जूतों की दुकानें जली हैं। कांगड़ा के मनु राम की दुकान भी राख हो गई। घटना में कुछ देवी-देवताओं के गहने सहित कुछ सामान लापता बताया जा रहा है।
देवताओं के शिविर में लगी आग के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। - साक्षी वर्मा, पुलिस अधीक्षक, कुल्लू