टायर के गोदाम में भड़की भीषण आग।
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राजधानी शिमला के ढली बाजार में देर रात करीब बारह बजे एक पुराने लकड़ी के बने मकान में भड़की आग से इसमें चल रही टायर की दुकान और इसके स्टोर रीटरिटिंग प्लांट की मशीनें तथा नए पुराने टायर जलकर राख हो गए। आग में करीब एक करोड़ की संपत्ति के राख होने का प्रारंभिक तौर पर आकलन किया है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। टायर की दुकान और गोदाम में लगी इस आग की घटना की सूचना जैसे ही अग्निशमन विभाग तथा पुलिस को मिली तो तीनों फायर स्टेशनों और ढली थाना से पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे।
अग्निशमन विभाग के जवानों ने कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की उठतीं लपटों पर काबू पाया। अग्निकांड के दौरान एक नेपाली को चोटें आई हैं। ढली बाजार में ही एनएच किनारे टायर की दुकान के मालिक बाबुराम ने बताया कि उन्हें मोबाइल पर आई काल से आग लगने के बारे में सूचना मिली। वह रात को मौके पर पहुंचे तो यहां अग्निशमन विभाग और पुलिस के जवान स्थानीय लोगों के साथ आग बुझाने में लगे हुए थे। आग में दुकान और इसके तीन गोदाम राख हो गए थे।
20 से 30 फीट ऊंची उठ रही आग की लपटों ने दुकान में रखा सारा सामान खाक कर दिया। मालरोड से स्टेशन फायर ऑफिसर मनसा राम और छोटा शिमला, बालुगंज फायर स्टेशन से आए बचाव दल में शामिल जवानों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टायरों तथा इस पुराने लकड़ी के बने मकान में भड़की आग को शांत किया। तब तक सब राख हो गया था। इस भीषण आग से बचाव दल ने आसपास के मकानों को सुरक्षित बचा लिया।
सुबह दस बजे तक आग को पूरी तरह से शांत करने का कार्य अग्निशमन विभाग के जवान करते रहे। आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ढली पुलिस थाना हरि चंद तथा उनकी टीम मौके पर थी। जांच के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। शहर में आग की यह तीसरी घटना है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में आईजीएमसी अस्पताल के न्यू ओपीडी भवन में आग लगी थी उसके बाद लक्कड़ बाजार में बेकरी की दुकान में और वीरवार देर शाम करीब नौ बजे लोअर बाजार की एक रजाई गद्दे की दुकान में भी आग लगी थी जिस पर समय से काबू पा लिया गया था जिससे करोड़ों का नुकसान होने से बचा लिया गया।