बीते दिनों हाईकोर्ट के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने प्रदेश के कुछ शिक्षण संस्थानों की ओर से जाली सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ी खबरों पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों की विस्तृत जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई ने मानव संसाधनों की कमी का हवाला लेते हुए एसआईटी गठन की मांग की थी। सुप्रीमकोर्ट ने एसआईटी का गठन करते हुए इसका अध्यक्ष बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एसी वर्मा को बनाया, जबकि सीबीआई के रिटायर्ड उच्च अधिकारी एके मल्होत्रा, पीसी शर्मा और विजय कुमार को सदस्य बनाया।