यदि स्कूल समय पर हाजिरी नहीं भरते हैं तो इंटरकनेक्ट वेबसाइट स्कूल की साइट पर हाजिरी केे कॉलम पर रेड अलर्ट देगी। इसकी मानीटरिंग जिला कार्यालय और निदेशालय में होगी।
स्कूल मुखिया को विभाग वेबसाइट चलाने के आईडी और पासवर्ड देगा, जिससे मोबाइल फोन से ही स्कूल मुखिया जरूरी निर्देशों की जानकारी लेने के साथ हर कक्षा के छात्रों की हाजिरी भरेंगे।
शिक्षकों की हाजिरी भी ऑनलाइन दर्ज होगी। यदि स्कूल मुखिया समय पर हाजिरी नहीं भरते हैं तो जिला के शिक्षा उपनिदेशक, निदेशक और स्वयं शिक्षा मंत्री को रेड अलर्ट की जानकारी स्वत: ही मिल जाएगी।
प्रदेश में वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में 10722 प्राइमरी, 2120 मिडिल, 925 हाई और 1838 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चल रहे हैं। निजी क्षेत्र में 1040 हाई स्कूल और 539 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में पत्राचार का हर माह का खर्च औसतन एक हजार रुपये है।
एक वर्ष का यह खर्च 18 से 20 करोड़ रुपये है। जबकि, वेबसाइट से एक सरकारी स्कूल को इंटरकनेक्ट करने का खर्च महज 1500 और निजी स्कूल को इंटरकनेक्ट करने का खर्च 2500 रुपये है। इससे साल भर का खर्च महज ढाई करोड़ रुपये के करीब होगा।
मंडी के 420 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में मार्च 2017 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में व्यवस्था शुरू की थी। अब इसे पूरे प्रदेश में शुरू किया जा रहा है। - अशोक शर्मा, उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी