क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में सुंदरनगर में एक और मामला सामने आया है। इसमें पैसा दोगुना लौटाने का झांसा देकर करीब 65 लाख रुपये का निवेश करवाया गया, लेकिन मिला कुछ नहीं। पहले भी कई मामलों में नामजद मंडी के सुभाष शर्मा सहित चार लोगों के खिलाफ शिकायतकर्ता की शिकायत पर धनोटू थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह निवेश 2020 में किया गया था। शिकायतकर्ता ने खुद ही नहीं, बल्कि अपनी जान-पहचान और दोस्तो का भी पैसा निवेश कराया, जिसमें आरोपियों ने 11 माह में दोगुना पैसे लौटाने का पीड़ितों को झांसा दिया था।
निवेश के बाद आरोपियों ने नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। धनोटू थाने में दर्ज प्राथमिकी में राकेश गुप्ता ने कहा है कि 2020 में कमल शर्मा निवासी गांव खिलड़ा तहसील सुंदरनगर, विपिन ठाकुर निवासी गांव चुरढ़ तहसील सुंदरनगर, हेमराज ठाकुर निवासी गांव टिल्ली तहसील सदर मंडी और सुभाष शर्मा निवासी भगवान मोहल्ला मंडी ने वर्ष 2020 में उससे संपर्क किया और क्रिप्टोकरेंसी की विभिन्न निवेश योजनाओं के बारे में अवगत कराया और उसे इस योजना के बारे में अपने दोस्तों को भी बताने को कहा।
आरोपियों ने उसे आश्वस्त किया कि 11 माह में निवेश की राशि दोगुनी मिलेगी। इसके बाद उसने और अपने दोस्तों से करीब 65 लाख का इसमें निवेश कराया, लेकिन बाद में आरोपियों ने नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और खुद संपत्तियां खरीदनी शुरू कर दीं और उनकी राशि को रोक दिया। उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि धनोटू थाने में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
गौर हो कि 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस ठगी के मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें कुछ जमानत पर हैं। आरोपी सुभाष और सॉफ्टवेयर तैयार करने वाला मेरठ का रहने वाला आरोपी इंजीनियर दुबई भाग चुके हैं। दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं।