औद्योगिक इकाइयों, होटलों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में अपने बिजली मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को अब मीटर की जांच करवाने के लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ सकती है। आयोग ने ऐसे बिजली मीटरों की जांच करवाने के शुल्क में कुछ बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
हालांकि, इस बढ़ोतरी के लिए आगामी दिनों में अधिसूचना जारी की जाएगी। संभावित है कि इस शुल्क में पांच फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में लोड के हिसाब से 250 से लेकर 350 रुपये तक यह शुल्क वसूला जाता है।
वेतन-पेंशन पर हर साल खर्च हो रहे 1809 करोड़
बिजली बोर्ड प्रति वर्ष वेतन और पेंशन देने के लिए एक हजार 809 करोड़ खर्च कर रहा है। इसके अलावा रिपेयर एंड मेंटेनेंस खर्च 99.49 करोड़ और प्रशासनिक और सामान्य खर्चे 50.58 करोड़ प्रस्तावित है।