आईजीएमसी अस्पताल में देर रात को दम तोड़ने वाली हमीरपुर की कोरोना संक्रमित महिला का सोमवार सुबह कनलोग श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। कोविड-19 को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही महिला का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक महिला के बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी। बेटे को नगर निगम ने पीपीई किट मुहैया करवाई थी। इसके अलावा शवगृह में अंदर गए पंडित समेत दो लोगों को भी पीपीई किट मुहैया करवाई गई थी। नगर निगम के चार अन्य कर्मचारी भी पीपीई किट पहनकर मौजूद रहे, जिससे जरूरत पड़ने पर इनकी मदद ली जा सके।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज भी मौजूद रहे। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद सुबह ही संयुक्त आयुक्त ने श्मशानघाट का दौरा किया। इसके बाद जब महिला का शव दाह संस्कार के लिए लाया गया तो संयुक्त आयुक्त निगम की टीम के साथ फिर मौके पर पहुंचे। महिला के परिजन भी मौजूद रहे। ये सभी शवगृह के बाहर सड़क पर खड़े रहे। बता दें, हमीरपुर की कोरोना संक्रमित महिला की बीती रात आईजीएमसी शिमला में मौत हो गई थी।
आईजीएमसी से लेकर कनलोग तक सैनिटाइज की सड़क
नगर निगम ने आईजीएमसी से लेकर कनलोग श्मशानघाट तक सड़क को सैनिटाइज किया। इसी रास्ते से महिला का शव कनलोग श्मशाम घाट ले जाया गया था। निगम के अधिकारी डीपी सिंह भी मौजूद रहे।
--
किडनी की बीमारी से पीड़ित बल्ह उपमंडल की कोरोना संक्रमित 65 वर्षीय महिला की मौत के बाद मंडी के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जिला मंडी में कोरोना से यह दूसरी मौत है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी एक मौत हुई थी, लेकिन वह व्यक्ति हमीरपुर का था। जिस महिला की सोमवार को मौत हुई है, उसका यात्रा इतिहास नहीं है। महिला का इलाज दो निजी अस्पतालों समेत एक डाइलिसिस सेंटर में भी हुआ था।
राहत की बात है कि महिला के संपर्क में आए करीब 50 सैंपल की जांच की गई है। इनमें 44 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शेष सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में महिला का सोमवार करीब सवा चार बजे निधन हो गया। वह 19 मई से नेरचौक अस्पताल में उपचाराधीन थीं। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। मंडी जिला में अब तक कोविड-19 से दो लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों किडनी के रोगी थे। इसमें एक सरकाघाट के युवक की मौत आईजीएमसी और नेरचौक के रत्ति की महिला की नेरचौक में मौत हुई है। उधर एसडीएम बल्ह आशीष शर्मा का कहना है कि शाम होने के चलते संस्कार मंगलवार सुबह किया जाएगा।
20 को पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि नेरचौक के रत्ती की महिला किडनी की बीमारी सहित कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रही थी। 20 मई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
वेंटीलेटर पर रखा था : डॉ. देवेंद्र
श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र शर्मा ने बताया कि महिला को वेंटिलेटर पर रखा था। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।