हिमाचल की राजधानी शिमला में कोरोना की आड़ में ठेकेदार बने कुछ नेताओं पर लोक निर्माण विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर लाखों की बौछार कर दी। इस गड़बड़झाले में नेताओं और एक पार्टी के पदाधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। खुलासा होने के बाद महकमे के बड़े अफसरों के होश फाख्ता हैं। आलम यह है कि महीनों पहले हो चुके निर्माण कार्यों के लाखों रुपये के टेंडर अब लगाए जा रहे हैं।
महामारी का बहाना बनाकर शहर के अस्पतालों में बिना टेंडर के ही लोनिवि ने नेताओं को लाखों के काम बांट दिए। अब उन पर पर्दा डालने के लिए जो काम पहले हो चुके हैं उनके नए सिरे से टेंडर लगा दिए हैं। लोनिवि ने शिमला शहर के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य के नौ टेंडर निकाले हैं। इसमें वह तीन टेंडर भी शामिल हैं, जिनके काम महीनों पहले हो चुके हैं। टेंडर फार्म में इनकी कीमत लाखों में दर्शाई गई है। टेंडर फार्म के मुताबिक अभी यह काम होने हैं जबकि हकीकत में यह काम पहले ही हो चुके हैं।