बोले, निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की है साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अखिल भारतीय किसान सभा के देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को किसान और बागवान संगठनों ने शिमला में डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हिमाचल किसान सभा, सेब उत्पादक संघ और सीटू के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान-बागवान सड़कों पर उतरे और अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
उपायुक्त कार्यालय के बाहर सुबह 11:30 बजे के करीब प्रदर्शनकारी जुटना शुरू हो गए। इस दौरान किसान सभा कसुम्पटी इकाई के सचिव जयशिव ठाकुर, हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर, सेब उत्पादक संघ के सदस्य सन्नी सेक्टा और प्रदेशाध्यक्ष सोहन ठाकुर ने सभा को संबोधित किया। किसान नेताओं ने केंद्र की नीतियों को किसान और ग्रामीण गरीबों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह योजनाएं कृषि को कार्पोरेट करने और किसानों को निजी कंपनियों की दया पर छोड़ने की साजिश है। उन्होंने बताया की मल्टीनेशनल कंपनियों का दखल बढ़ेगा जिससे किसानों की आजीविका पर खतरा मंडराएगा। इस दौरान नई कृषि विपणन नीति और राष्ट्रीय सहकारी नीति रद्द करने की मांग उठाई। किसानों ने कहा कि इन नीतियों को मंडियों और सरकारी खरीद प्रणाली को खत्म करने के लिए बनाया है। इसके अलावा बिजली निजीकरण और स्मार्ट मीटर का विरोध किया गया। प्रदर्शन में जगमोहन ठाकुर, प्रो. राजेंद्र चौहान, विजेंदर मेहरा, जगत राम, विवेक कश्यप, फलमा चौहान, संदीप वर्मा, रविन्द्र कुमार, महेंद्र कुमार, सुभाष जगटा, हिमी देवी, अनिल ठाकुर, सुनील वशिष्ठ, कपिल नेगी, कपिल शर्मा, कृष्णानंद, दलीप कुमार, गुलाब चंदेल और प्रताप ठाकुर समेत कई नेताओं और कार्यकर्ता मौजूद रहे।