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Shimla News: वन और कृषि भूमि से बेदखली के खिलाफ किसानों की हुंकार

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कालीबाड़ी हॉल में हुए सम्मेलन में उठाया मुद्दा
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विदेशी सेब से आयात शुल्क घटाने का भी विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल किसान सभा की शिमला जिला कमेटी की ओर से शुक्रवार को सातवां जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें किसान प्रतिनिधियों ने सरकार द्वारा वन और कृषि भूमि पर चलाई जा रही बेदखली मुहिम का विरोध किया गया।

सम्मेलन में विभिन्न ब्लॉकों से आए करीब 160 किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्घाटन हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंघा ने किया। इस दौरान जिला सचिव देवकी नंद ने पिछले तीन वर्षों में जिला कमेटी द्वारा की गई गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद सम्मेलन में किसानों के मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई। किसानों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भूमिहीन किसानों को पट्टे/नियमितीकरण नहीं दिया जा रहा है। न्यूजीलैंड, अमेरिका सहित विदेशी सेबों पर आयात शुल्क में कटौती और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के कारण सस्ते आयातित सेब से स्थानीय सेब उत्पादकों की आजीविका पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा सम्मेलन में स्मार्ट मीटर का विरोध, जानवरों द्वारा फसल क्षति का मुआवजा, किसान-विरोधी कृषि नीतियों का विरोध, हर किसान परिवार को 5 बीघा भूमि, जर्जर सड़कों की मरम्मत, बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाना और बागवानों के लिए न्यूनतम आय सुनिश्चित करना सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
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शिमला जिला सचिव देवकी नंद ने बताया कि इस सम्मेलन में नई जिला कमेटी का चुनाव भी किया गया। जिला कमेटी किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन, मार्च और घेराव को और तेज किया जाएगा।
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