कुल्लू में मटर के दामों में भारी उछाल आया है। मंडियों में मटर 125 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। लहसुन के बाद किसान मटर की खेती को बड़े स्तर पर करते हैं। जिले में मटर का तुड़ान शुरू हो गया है। स्थानीय मंडियों में मटर के भाव रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पहले मटर 90 से 100 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा था, लेकिन दो दिनों से मटर 125 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। इससे मटर उत्पादक गदगद हो गए हैं।
घाटी के किसान दिल्ली, चंडीगढ़ और देश की अन्य सब्जी मंडियों के बजाए स्थानीय मंडियों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। इस साल नकदी फसल लहसुन के भी किसानों को बेहतर रेट मिले हैं। अब मटर की अच्छी फसल होने और दाम भी अच्छे मिलने से किसान खुश हैं। कुल्लू में साल दर साल मटर की खेती में वृद्धि हो रही है। इस बार भी जिले के बंजार, बाह्य सराज आनी में मटर की भारी बिजाई की गई है।
किसान कुमार सिंह, धर्म सिंह, राम, रमेश चंद, पवन नेगी, प्रकाश चंद, निका राम, कपिल ठाकुर और किशोरी लाल ने कहा कि मटर का तुड़ान पिछले सप्ताह से शुरू हो गया है। रघुपुर घाटी के बनाला, जुहड़, फनौटी, बालू, कोट, लोट, सूहल, दपांदा बलेहड़ और करशाला के अलावा कराड़ क्षेत्र में भी मटर तुड़ान शुरू हो गया है। इस बार मटर की अच्छी फसल है और दाम भी बेहतर मिल रहे हैं।
रविवार को ढली सब्जी मंडी में 125 रुपये प्रतिकिलो रेट मिला है। जिले में मटर का क्षेत्रफल करीब 1500 हेक्टेयर है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रकाश कश्यप ने कहा कि मटर की नकदी फसल से जिले के किसानों की आर्थिकी मजबूत होती है और साल दर साल मटर की खेती में वृद्धि दर्ज की जा रही है। एपीएमसी के सचिव सुशील ने कहा कि स्थानीय मंडियों में मटर के रेट में उछाल आ गया है। उन्होंने कहा कि बंजार, आनी और सैंज में मटर की बिजाई बड़े पैमाने में की गई है।