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रंग लाई मुहिम, आखिरकार 15 साल बाद बिजली से जगमग हुआ किसान का घर

Sun, 28 Jan 2018 11:17 AM IST
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना
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आखिरकार ‘अमर उजाला’ की मुहिम रंग लाई है। ऊना की एक बिटिया के घर में पहली बार बिजली का बल्ब जगा तो वह खुशी के मारे चहक उठी। छठी में पढ़ने वाली कलिका और उसके माता-पिता करीब डेढ़ दशक से घर में बिजली पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

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 शनिवार शाम चार बजे एसडीओ जसविंद्र सिंह के नेतृत्व में विभाग के फोरमैन कृष्ण देव और करनैल सिंह ने पाल सिंह के घर को बिजली कनेक्शन से जोड़ा। मीटर और बल्ब लगते ही पाल सिंह उनकी पत्नी दर्शना देवी और बेटी कलिका के चेहरे पर मुस्कुराहट फैल गई। 

कलिका अब दीये की नहीं बल्कि बिजली की रोशनी में पढ़ सकेगी। राजनेताओं से लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटकर जब 54 वर्षीय किसान पाल सिंह ने हिम्मत हारी तो ‘अमर उजाला’ उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आया। 

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ऐसे सामने आया पूरा मामला

पाल सिंह ने अपना दर्द बयां किया। इस पर ‘अमर उजाला’ ने सर्वप्रथम 19 जनवरी को ‘खंभा गाड़ भूल गया बिजली बोर्ड, 15 साल से नहीं मिला कनेक्शन’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

इसके बाद सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कीं तो डीसी विकास लाबरू ने एसई इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से बात कर दखल दिया। नतीजतन, बिजली बोर्ड नींद से जागा और पाल सिंह के घर तक लाइन बिछाने का काम शुरू किया।

आखिरकार शनिवार को इस परिवार के घर में बल्ब जगा और उनकी जिंदगी का अंधेरा भी छंटा। पाल सिंह और उनके पारिवारिक सदस्यों ने ‘अमर उजाला’ की इस मुहिम पर आभार भी जताया। 

समाजसेवी संजय शर्मा मदद को आए आगे

एक गरीब परिवार के घर में उजाला करने के लिए कांगड़ा के संजय शर्मा ने फिर हाथ बढ़ाए हैं। संजय शर्मा ने किसान पाल सिंह के घर में बिजली का बल्ब लगाने के लिए न केवल सिक्योरिटी का खर्च वहन किया बल्कि उन्होंने इस परिवार को आगे भी मदद का आश्वासन दिया है।

संजय शर्मा का कहना है कि समाज में पाल सिंह और उनके जैसे कई लोग हैं, जिन तक प्रशासन या सरकारें पहुंचना नहीं चाहतीं। ‘अमर उजाला’ इस दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने ‘अमर उजाला’ की इस मुहिम पर बधाई भी दी। 

महज फोटो खिंचवाने आए विधायक 

हैरत की बात है कि एक गरीब परिवार पिछले डेढ़ दशक से बिजली कनेक्शन के लिए जूझता रहा। पाल सिंह को बिजली कनेक्शन दिलाने की मुहिम पर स्थानीय विधायक सतपाल रायजादा दूसरे दिन पाल सिंह के घर तो पहुंचे, लेकिन सिर्फ फोटो खिंचवाने।

रायजादा ने दोबारा मुड़कर पीड़ित के घर की तरफ नहीं देखा। वहीं, पिछले पंद्रह वर्ष तक सत्ता में रहे भाजपा के पूर्व विधायक सतपाल सत्ती की कार्यप्रणाली पर भी अंधेरे में डूबा रहा यह घर सवाल खड़े करता है।

सतपाल रायजादा ने स्पष्ट किया है कि वह विधायक निधि से उक्त परिवार की मदद करेंगे। उधर, पूर्व विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि पीड़ित परिवार ने उनसे संपर्क नहीं किया। 
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मामले में कब क्या हुआ

19 जनवरी- खंभा गाड़ भूल गया बिजली बोर्ड, 15 साल से नहीं मिला कनेक्शन खबर प्रकाशित की 
20 जनवरी - सोशल मीडिया में वायरल हुई स्टोरी
20 जनवरी - आवेदन नहीं आया तो किसके लिए लगा दिया खंभा शीर्षक से खबर छपी  
21 जनवरी - बोर्ड की नई दलील, ट्यूबवेल के लिए गाड़ा खंभा खबर प्रकाशित
23 जनवरी - नहीं पसीजा विद्युत बोर्ड, पीएम मोदी को भेजी शिकायत
23 जनवरी    उपायुक्त विकास लाबरू ने हस्तक्षेप कर बोर्ड को दिए जांच के आदेश
25 जनवरी - बोर्ड ने पोल लगाने का काम किया शुरू
27 जनवरी - बोर्ड ने शाम चार बजे मीटर लगाकर जगमग किया घर
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