फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी डिग्री मामला: राणा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने जारी किया लुकआउट सर्कुलर

Tue, 18 Jan 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh प्रखर दीक्षित,अमर उजाला, शिमला

सार

फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के ट्रस्टी राज कुमार राणा और उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है। संपत्तियों को जब्त करने के बाद अब ईडी ने राणा, उसकी पत्नी अशोनी कंवर व बेटी आइना राणा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया है।
विज्ञापन
फर्जी डिग्री मामला(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के ट्रस्टी राज कुमार राणा और उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसता जा रहा है। संपत्तियों को जब्त करने के बाद अब ईडी ने राणा, उसकी पत्नी अशोनी कंवर व बेटी आइना राणा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी कर दिया है। इसके तहत ईडी ने अप्रवासन ब्यूरो (ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन) को राणा व उसके परिवार के किसी सदस्य को भी देश से बाहर न जाने देने के लिए कहा है। इस सर्कुलर के जारी होने के साथ ही राणा के भारत से जाने के सारे रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए हैं।

विज्ञापन


दरअसल, विदेश मंत्रालय ने पहले ही जांच एजेंसियों की सिफारिश पर राणा और उसकी पत्नी व बेटी के पासपोर्ट को निलंबित कर दिया था। राणा अभी जमानत पर चल रहे हैं, वहीं उनकी पत्नी और बेटी ऑस्ट्रेलिया में हैं और उन्हें भारत लाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस विदेश मंत्रालय के जरिये ऑस्ट्रेलिया की सरकार के संपर्क में है। हाल ही में सोलन की स्थानीय अदालत ने अशोनी कंवर और आइना राणा को भगोड़ा घोषित कर दिया है। ऐसे में अब उनके लिए भारत आने से बचने का कोई रास्ता नहीं रह गया है। माना जा रहा है कि दोनों को भारत आने के बाद किसी और देश में न भागने देने के लिए ही ईडी ने लुकआउट सर्कुलर का कदम उठाया है। 

गौरतलब है कि फर्जी डिग्री मामले की जांच कर रही पुलिस और सीआईडी की संयुक्त एसआईटी ने अब तक पचास हजार फर्जी डिग्रियां पकड़ ली हैं। इनमें से 41 हजार डिग्रियों की फॉरेंसिक जांच के जरिये पुष्टि भी की जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आधिकारिक रूप से जहां विश्वविद्यालय ने करीब एक हजार डिग्रियां ही जारी की थीं। लेकिन फर्जी डिग्रियों का आंकड़ा 70 हजार तक जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें