विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री, हिमाचल प्रदेश
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अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम लिखे पत्र में इसके प्रमाण भी संलग्न किए गए हैं। जांच के बीच मेडिकल अधिकारी ने सचिवालय की पीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने की मांग की, मगर उसी दिन उनका सोलन के लिए तबादला हुआ। इसके बाद मेडिकल अधिकारी ने ट्रिब्यूनल में गुहार लगाई। ट्रिब्यूनल ने डॉक्टर को सुनने और उपयुक्त स्थान पर बदलने को कहा। अब उन्हें कुफरी बदला गया है।
इसी बीच मेडिकल ऑफिसर ने निदेशक के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए झूठी शिकायत पर जांच बैठाने और खुद ही छुट्टियां मंजूर करने के तथ्यों के साथ यह मामला अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य से उठाया है। बाकायदा उन्हें शिकायत पत्र भी दिया है। अब सरकार इस पूरे प्रकरण की जांच करा रही है।
निमोनिया से ग्रसित थे मेडिकल ऑफिसर
मेडिकल ऑफिसर को निमोनिया हो गया था, इस कारण वह छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निमोनिया होने का मेडिकल दिया है।
जांच से पहले नहीं दिया नोटिस
मेडिकल अफसर का कहना है कि अगर मेरे खिलाफ कोई और जांच है तो मुझे नोटिस आना चाहिए था, मेरा पक्ष भी सुना जाना चाहिए था। जब जांच की कॉपी मांगी गई तो टाल दिया गया।
जो भी कार्रवाई हुई है वह मैंने खुद नहीं की, सरकार ने करवाई है। हमने जांच की और सरकार को भेजी है। चिकित्सक पर छुट्टियों के बजाय अन्य भी आरोप हो सकते हैं। इन्हें अभी नहीं बताया जा सकता। - अजय कुमार गुप्ता, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं
निदेशक से किया जाएगा जवाब तलब
इस घटनाक्रम के बारे में निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं से जवाब लिया जाएगा। मेडिकल अफसर अपनी बात कहने के लिए मुझसे आकर मिल सकते हैं। - विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री, हिमाचल प्रदेश