हालांकि तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया। दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग को बुझाया गया। अग्निकांड में पीड़ित को करीब 50 लाख की संपत्ति का नुकसान आंका जा रहा है।
डीएसपी हरोली कुलविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। गत दिवस भी हरोली के बाथू में एक उद्योग में आग लग गई थी जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था।
गर्मियों की शुरुआत होते ही जिले में आग के मामले सामने आना शुरू हो गए हैं। वहीं ऊना के जंगलों में भी आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब लोगों को आग न लगे, इसके लिए ज्यादा जागरूक रहने की जरूरत है। वहीं आपदा प्रबंधन और दमकल विभाग को भी जयगरूकता कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।
अग्निशमन केंद्र टाहलीवाल के प्रभारी जयपाल ठाकुर ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही केंद्र से टीम को भेजा गया। आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि आग लगने पर 101 नंबर पर तुरंत मदद मांगी जा सकती है।