प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त होते ही पार्टी में गुटबाजी शुरू हो गई है। बिलासपुर सदर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के खिलाफ तीन नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त होते ही पार्टी में गुटबाजी शुरू हो गई है। बिलासपुर सदर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के खिलाफ तीन नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को शिमला में प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और सह प्रभारी संजय दत्त से मिलकर इन नेताओं ने बंबर ठाकुर को टिकट न देने की वकालत की। प्रेस वार्ता कर वर्ष 2012 से 2017 तक बंबर ठाकुर की संपत्ति कई गुना संपत्ति बढ़ने के आरोप लगाए। राजनीतिक छवि पर सवाल उठाते हुए बंबर को टिकट मिलने की स्थिति पर सामूहिक विरोध करने का एलान भी किया। गुरुवार को बंबर समर्थकों ने बिलासपुर में पटाखे फोड़कर टिकट पक्का होने की खुशी मनाई थी। बंबर समर्थकों की इस खुशी पर शुक्रवार को पानी डालते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान, बिलासपुर सदर से पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा और जिला परिषद सदस्य गौरव शर्मा ने मोर्चा खोल दिया।
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पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा और प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कहा कि बंबर ठाकुर विधानसभा क्षेत्र में माफिया की तरह काम कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बंबर के क्रियाकलापों को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया गया है, लेकिन पार्टी की ओर से उन पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। मजबूर होकर मीडिया में अपनी बात कहनी पड़ रही है। पूर्व विधायक तिलकराज शर्मा ने कहा कि वे पिछले चार दशकाें से कांग्रेस के लिए कार्य कर रहे हैं। पार्टी को ऐसे व्यक्ति को आगे नहीं लाना चाहिए, जिससे जनता के बीच पार्टी की छवि खराब हो। अगर बंबर को टिकट मिलता है तो संगठन के लोग बैठकर आगामी रणनीति तैयार करेंगे। तिलक राज शर्मा वर्ष 2002 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को हरा चुके हैं।