सीडेक को सॉफ्टवेयर में बदलाव को दिया है काम
एचआईएमआईएस की ऑनलाइन सिस्टम में ज़ुड़ेगा फीचर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जल्द यहां उपचार करवाने आने वाले मरीजों को ओपीडी में दिखाने के लिए मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन पर्ची बनवाने की सुविधा शुरू करेगा। इसके लिए अस्पताल राज्य सरकार के हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एचआईएमएस) सॉफ्टवेयर में यह अतिरिक्त सुविधा जोड़ने जा रहा है।
इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सरकार द्वारा अधिकृत सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी को अपनी प्रक्रिया और जरूरतों के अनुसार ऑनलाइन पर्ची बनाने के फीचर को शामिल करने के निर्देश दे दिए हैं। सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जाने और सुविधा जुड़ने के बाद इसे आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन पर्ची की सुविधा मिलने से अस्पताल में रोज सुबह आठ बजे पर्ची बनवाने और टोकन लेने के लिए लगने वाली भीड़ से सैकड़ों मरीजों को राहत मिलेगी। चमियाना अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन पर्ची की सुविधा जल्द शुरू करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्ची ऑनलाइन बनने से मरीजों और तीमारदारों को समय पर पर्ची बनवाने, टोकन लेने और ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने में सुविधा होगी।
डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रशासन पहले ही आम जनता से जुड़े आधे से अधिक कार्यों को ऑनलाइन कर चुका है। मरीजों के पंजीकरण के बाद उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके साथ ही लैब इंफारमेशन सिस्टम के तहत मरीजों की जांच रिपोर्ट मोबाइल पर उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
अस्पताल में टोकन नंबर लेने, पर्ची बनवाने, ओपीडी में दिखाने, टेस्ट करवाने, रिपोर्ट प्राप्त करने और बिलिंग की पूरी प्रक्रिया पहले से ही हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम के तहत ऑनलाइन है। अब इसमें ऑनलाइन पर्ची बनवाने की सुविधा भी जुड़ जाएगी।
अस्पताल प्रशासन इस बात का विशेष ध्यान रख रहा है कि ऑनलाइन पर्ची सुविधा शुरू होने से पहले से चल रही ऑफलाइन टोकन और पर्ची प्रक्रिया प्रभावित न हो। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑनलाइन या ऑफलाइन पर्ची बनवाने पर मरीज को दिया जाने वाला सीआर नंबर एक ही रहे।
चमियाना अस्पताल में रोजाना औसतन सात से आठ सौ से अधिक नए और पुराने मरीज उपचार के लिए आते हैं। सर्दियों में फैकल्टी चिकित्सकों में से कुछ के शीतकालीन अवकाश पर जाने और ठंड के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या कुछ कम है।