पांच गांवों के लोगों की वार्षिक बैठक
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के उपमंडल शिलाई की ग्राम पंचायत नाया पंजोड़ के पांच गांवों में सामाजिक एवं शादी समारोहों के दौरान शराब परोसने और अन्य महंगे रीति-रिवाजों पर प्रतिबंध लगा दिया है। दरअसल, ये फैसला गांव के ही बुद्धिजीवियों और युवाओं ने लिया। इसको लेकर नाया गांव के महासू देवता मंदिर परिसर (थाती चौंतरा) में पांच गांवों के लोगों की वार्षिक बैठक हुई, जिसमें ये कई अहम फैसले लिए गए। इस दौरान कुछ रीति रिवाजों को कम करने और सादे तरीके से निभाने के लिए तांदियों, कफेनू, कूकडेच, नाया, ठोंठा के लोगों ने अपने विचार रखे। निर्णय लिया गया कि शादी समारोह और पार्टियों में शराब नहीं परोसा जाएगा। समारोह में रुटयारी यानी रोटी बनाने वाली महिलाओं को घी आदि देने का रीति-रिवाज भी बंद कर दिया गया। इसकी जगह सभी सामूहिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।
इसके साथ-साथ लड़की की शादी में दहेज लेने और देने की परंपरा को भी बंद किया गया। दणाटी, सोइताटी ले जाने वाले व्यक्ति को 200 रुपये की भेंट और आने-जाने के लिए दूरी के हिसाब से किराया दिया जाएगा। वहीं, विवाहिता के प्रसव के दौरान घी का सैर और गुड़ की भेली देने का रिवाज भी खत्म कर दिया है। क्षेत्र के बुद्धिजीवी हुकमीराम डिमेदार, महेंद्र सिंह और रणदीप शर्मा ने कहा कि सभी खेलों व वर्गों के लोगों ने मिलकर ये फैसले लिए हैं। इनका पालन करना सभी की जिम्मेदारी रहेगी। जो इसका उल्लंघन करेगा, उसे दंडित किया जाएगा और उसे पांचों गांव से अलग किया जाएगा। बैठक में जालम सिंह, देवीराम, आत्माराम, मोहन सिंह, धर्म सिंह, गीताराम, ज्ञानसिंह, भारत भूषण, केवल शर्मा रोशन शर्मा, अरविंद, राजेश, जोगीराम शर्मा, राजेश, लायकराम, तोताराम, देवीराम, चेतराम, बहादुर सिंह, मनसाराम, रमेशचंद, मनीराम राजेंद्र प्रकाश, रण सिंह, वेदप्रकाश, कुलदीप, राकेश, बलवीर आदि पांचों गांव के लोग मौजूद रहे।