एप के जरिये बोतल पर लगे बारकोड को स्कैन करना होगा और उससे शराब के निर्माण से संबंधित पूरी जानकारी फोन पर ही उपलब्ध हो जाएगी। इससे उपभोक्ता को पता चल सकेगा कि यह शराब असली है या मिलावटी।
मंडी जिले में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत के बाद राज्य कर एवं आबकारी विभाग हरकत में आ गया है। करीब दो साल से ट्रायल मोड पर चल रहा विभाग का ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम अब अपने अंतिम दौर में है। विभाग का दावा है कि अगले दो से तीन महीने में इसे लांच कर दिया जाएगा। इसके लांच होने पर एक एप की मदद से कोई भी व्यक्ति हिमाचल प्रदेश में बिकने वाली शराब की गुणवत्ता की जांच कर सकेगा।
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विभाग के आयुक्त यूनुस ने बताया कि एप के जरिये बोतल पर लगे बारकोड को स्कैन करना होगा और उससे शराब के निर्माण से संबंधित पूरी जानकारी फोन पर ही उपलब्ध हो जाएगी। इससे उपभोक्ता को पता चल सकेगा कि यह शराब असली है या मिलावटी। इसके साथ ही मिलावटी होने की सूरत में वह तत्काल एप की ही मदद से शिकायत भी कर सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थित सभी बाटलिंग प्लांट व डिस्टिलरियों से बाहर आने वाली शराब की ऑनलाइन निगरानी के तंत्र के विकसित होने पर अवैध शराब के बिक्री नेटवर्क को तोड़ने में आसानी होगी।