प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग ही मालवाहक वाहन ऑपरेटरों से गुड्स टैक्स लेगा। सरकार ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे राज्य के हजारों ऑपरेटरों को राहत मिली है। अस्थायी तौर पर यह व्यवस्था 30 सितंबर तक की गई है।
सरकार ने सभी वाहनों का गुड्स टैक्स राज्य परिवहन विभाग में जमा करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदेश परिवहन विभाग में गुड्स टैक्स जमा न होने से ऑपरेटरों को परेशानी हो रही थी। परिवहन विभाग ने इसके पीछे नोटिफिकेशन न होना और सॉफ्टवेयर समेत अन्य तकनीकी कारणों का हवाला दिया था।
इससे ऑपरेटर कभी परिवहन विभाग तो कभी एक्साइज विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। इससे पहले गुड्स टैक्स एक्साइज विभाग में जमा होता रहा है। सरकार ने तर्क दिया था कि जिस तरह सवारी ढोने वाले सभी वाहनों का पेसेंजर्स टैक्स परिवहन विभाग में जमा होता है।
उसी तर्ज पर गुड्स टैक्स भी परिवहन विभाग में ही जमा हो। कई अड़चनों के कारण टैक्स जमा नहीं हो पाया। आखिर में सरकार ने वाहन ऑपरेटरों को 30 सितंबर तक राहत दी है।