विवेक भी इस टीम के सदस्य थे। दो माह तक 8848 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी को फतह करके वह 31 मई को सुरक्षित बेस कैंप पहुंचे। डेढ़ माह बाद जब विवेक घर पहुंचे तो उनके युवा साथियों के साथ-साथ उनकी मां यशोधा देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था।
मां ने पहले बेटे को सीने से लगाया, फिर तिलक किया। पत्नी प्रियंका ने भी उनकी आरती उतारकर उनका गृह प्रवेश करवाया। भाई कुलदीप ठाकुर और भाभी अंजना भी खुशी से फूली नहीं समा रही थीं।
नवयुवक मंडल बड़ोन के प्रधान निकुंज ठाकुर, महिला मंडल प्रधान मीरा देवी, नवदुर्गा आईटीआई बड़ोन के निदेशक इंद्र प्रकाश गोयल आदि युवाओं ने बड़ोन के प्रवेश द्वार पर विवेक का स्वागत कर उन्हें घर तक पहुंचाया।