इससे पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल विभिन्न औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों से मिला। एबिलॉन क्लीन एनर्जी के प्रबंध निदेशक आदित्य हांडा ने राज्य में पीपीपी मोड पर राज्य में कचरे को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई।अंबुजा एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनीष गुप्ता ने खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने, ईएसएसएसीटी के सह संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमंत काचरू ने थैरेपी तैयार कर वैलनेस केंद्र खोलने, चंद्रेश केबल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि अभिवंदन सी लोढा और आरके जैन ने राज्य में केबल निर्माण इकाई स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने गुजरात के निवेशकों का स्वागत करते हुए उनसे हिमाचल प्रदेश में निवेश के अवसर खोजने का आग्रह किया। कार्यक्रम में हिमाचल के मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने वहां के लोगों की दूरदर्शिता व उनके द्वारा अर्जित सफलता की सराहना की। उन्होंने उद्योगपतियों को एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित किया जिससे इनकी निगरानी मुख्यमंत्री स्वयं आनलाइन कर सकें।उन्होंने राज्य सरकार द्वारा व्यापार में सुगमता, भूमि बैंक और महाविद्यालय व स्कूली स्तर पर श्रम शक्ति जैसी पहल पर विस्तृत जानकारी दी।