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कॉलेज शिक्षकों का आंदोलन यूजी के हजारों छात्रों पर भारी

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उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य रोकने से समय पर परिणाम निकालना होगा मुश्किल
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क्रॉसर
20 जून तक परीक्षा परिणाम करना है घोषित
शिक्षकों ने पूरी तरह रोक दिया मूल्यांकन कार्य
35,000 विद्यार्थियों ने दी हैं अंतिम वर्ष की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लिए स्नातक डिग्री (यूजी) के परीक्षा परिणाम जून माह में घोषित करना मुश्किल होता जा रहा है। कॉलेज शिक्षकों ने यूजी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया है। इसके चलते स्नातक की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। प्रदेश में 35 हजार विद्यार्थियों ने यूजी अंतिम वर्ष की परीक्षा दी है।
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने प्रदेश के सभी कॉलेजों में यूजी द्वितीय वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू नहीं किया। इसके अलावा 12 मई से यूजी अंतिम वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी बंद कर दिया है। कॉलेज शिक्षक सरकार से यूजीसी पे स्केल लागू करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक यूजीसी पे स्केल लागू नहीं होता तब तक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
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7 अप्रैल से शुरू हुई यूजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। 20 जून तक अंतिम वर्ष के नतीजे घोषित करने का लक्ष्य रखा था। उत्तर पुस्तिकाओं का 80 फीसदी जांच कार्य हो चुका है लेकिन अब शिक्षकों ने काम रोक दिया है। 12 मई के बाद की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांची गई हैं। यूजी के नतीजे आने में देरी हुई तो पीजी प्रवेश प्रक्रिया भी गड़बड़ा जाएगी। बाहरी राज्यों में पीजी कोर्स के लिए आवेदन करने वाले छात्र बिना परीक्षा परिणाम के काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
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पे स्केल लागू होते शुरू कर देंगे मूल्यांकन कार्य
राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के सचिव डॉ. रामलाल शर्मा ने कहा कि सरकार यूजीसी पे स्केल को लागू करने पर फैसला लेगी तो शिक्षक अंतिम और द्वितीय वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कर देंगे। सरकार आंदोलन करने को मजबूर कर रही है। कई बार मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष इस मांग को उठा चुके हैं।
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