भूपेंद्र नेगी ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद कर देता। राजधानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) भूपेंद्र नेगी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश हैं कि चिट्टा तस्करी को जड़ से समाप्त किया जाए और पुलिस इस लक्ष्य के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक चिट्टा तस्करी के 1,132 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 1,906 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नशे की चपेट में सबसे अधिक स्कूली छात्रों से लेकर 30 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा आ रहे हैं। नशे की लत के कारण कई लोग घर का सामान तक बेच देते हैं और माता-पिता पर भी हाथ उठाने लगते हैं। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र नेगी ने सभी विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई। प्रधानाचार्य विद्या बांश्टु ने पुलिस विभाग और अमर उजाला फाउंडेशन का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
सवाल : नशा माफिया के खिलाफ कहां दे सूचना। जवाब : कोई भी व्यक्ति ड्रग फ्री हिमाचल एप के माध्यम से चिट्टा तस्करों या नशे के कारोबार से जुड़ी सूचना पुलिस तक पहुंचा सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
सवाल : साइबर ठगी से कैसे बचें जवाब : सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करें। प्रोफाइल सार्वजनिक रखने से साइबर अपराधी आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। मोबाइल में डबल ऑथेंटिकेशन (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) सक्रिय करें। साइबर ठगी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930 और 112 पर संपर्क करें।