शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के हरित ऊर्जा एवं नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-जेंट) ने अपना पहला पीएचडी बैच शुरू कर दिया है। केंद्र में छह शोधार्थियों ने प्रवेश लिया है। फिश्टनर कंसल्टिंग इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के एसोसिएट डायरेक्टर प्रदीप कुमार हरित हाइड्रोजन के भंडारण और परिवहन पर शोध करेंगे। ऊर्जा निदेशालय हिमाचल प्रदेश की अभियंता स्वाति गंगटा सौर ऊर्जा प्रणालियों के प्रभावी प्रबंधन और क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर शोध करेंगी। पूर्णकालिक शोधार्थियों में भाव्य भास्कर सिंगला ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के उपयोग पर अध्ययन करेंगे। रजत रजनीश कृषि और सौर ऊर्जा को जोड़ने वाली एग्री-फोटोवोल्टिक तकनीक पर शोध करेंगे। अमन शर्मा सतत ऊर्जा प्रणालियों के लिए डेटा विश्लेषण और बुद्धिमान निर्णय प्रणाली विकसित करने पर काम करेंगे। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के नवस्थापित केंद्रों में पहला केंद्र है जिसने पीएचडी कार्यक्रम शुरू किया है। शोधार्थी डॉ. अंजलि शर्मा, डॉ. जैस्मिन कौर सैनी और डॉ. मनीष कुमार के मार्गदर्शन में अपना शोध कार्य करेंगे। संवाद