लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को सेवा विस्तार देने को लेकर चलाई गई फाइल मामले ने तूल पकड़ लिया है। नूरपुर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने के बाद इंजीनियरों ने स्पष्ट किया है कि अगर सरकार प्रमुख अभियंता और मुख्य अभियंता को सेवा विस्तार देती है तो इस फैसले को अन्य इंजीनियर हाईकोर्ट चुनौती देंगे।
इन दोनों इंजीनियरों को इसी महीने सेवानिवृत्त होना है। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इस मामले पर चर्चा हो चुकी है। अब इसे चुनाव आयोग की अनुमति के लिए भेजा जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों का मानना है कि इन दोनों इंजीनियरों को सेवा विस्तार देने के लिए भाजपा सरकार के दो मंत्री जिद्द पर अडे़ हैं। पहले सेवा विस्तार की फाइल को लंबित डाल दिया गया था और अब इसे फिर से चलाया गया है।
पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सेवा विस्तार दिया गया, उस समय भाजपा ने इसका कड़ा विरोध किया। अब भाजपा सरकार में भी इस प्रक्रिया को दोहराया जा रहा है।
इंजीनियरों का कहना है कि अगर प्रमुख और मुख्य अभियंता को सेवा विस्तार दिया जाता है तो पीछे इंजीनियरों की पदोन्नतियां रुक जाती हैं। इससे इंजीनियरों को नुकसान होगा। नूरपुर में इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अवगत कराया था कि लोक निर्माण विभाग के पास दर्जनों चीफ इंजीनियर और एसई बैठे हैं जो काबिल हैं।