भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड से 2900 करोड़ का अपना शेयर लेने को नई सरकार ने कमर कस ली है। शनिवार को सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि कैबिनेट में इस मसले को उठाया जाएगा। पंजाब ऐसे तो पैसा देगा नहीं, उसके बदले नई व्यवस्था पर विचार होगा। पंजाब पर पैसा लेने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विकसित देशों की तर्ज पर राज्य के निर्माणाधीन स्मार्ट शहरों शिमला तथा धर्मशाला में स्मार्ट ग्रिड स्थापित करने पर विचार होगा। प्रदेश में बिजली कट रोकना सरकार की प्राथमिकता है। बिजली उत्पादन में बढ़ रही लेबर कॉस्ट को कम करना भी मुख्य उद्देश्य रहेगा। उन्होंने संचरण नुकसान को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कहा कि बेशक राज्य में यह नुकसान देश की औसत 15 प्रतिशत के मुकाबले 11.43 प्रतिशत है, लेकिन इसे कम करने की गुंजाइश मौजूद है। इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिजली सुधार में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ऊर्जा विभाग हिमाचल की आर्थिकी का अहम स्रोत है।
उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर ने बताया कि राज्य के अधिकांश भागों में बिजली की पुरानी लाइनों तथा लकड़ी के खंभों को बदला जा चुका है। सिरमौर जिले के कालाअंब में पायलट आधार पर स्मार्ट ग्रिड की स्थापना की गई है। सकारात्मक परिणाम आने पर शिमला तथा धर्मशाला शहरों में इनकी स्थापना की जाएगी।
24 घंटे बिजली सप्लाई देने को काम करें अफसर
शिमला। ऊर्जा मंत्री ने शनिवार को राज्य विद्युत बोर्ड सीमित, ऊर्जा निगम तथा प्रदेश ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मंत्री ने अधिकारियों से उपभोक्ताओं को गुणात्मक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित बनाने को कहा।
कहा कि शत-प्रतिशत गणना गांवों को बिजली सुविधा देने के बाद विभाग पर अब लोगों को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है। इस दिशा में कार्य करना होगा।
बिजली सुधार के लिए 156 करोड़ की उपलब्ध राशि का समुचित उपयोग कर उपभोक्ताओं को इसका शीघ्र लाभ मिलना चाहिए। पुरानी विद्युत लाइनों और खंभों को बदलने के साथ कम वोल्टेज की समस्या से निपटने और अधिक ट्रांसफार्मर स्थापित करने की आवश्यकता है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर, विशेष सचिव ऊर्जा डॉ. अजय शर्मा, ऊर्जा निगम के महाप्रबंधक दिवेश कुमार, महाप्रबंधक संचरण निगम सीमित जेपी कालटा, कार्यकारी निदेशक कार्मिक कुमुद सिंह, निदेशक वित्त एवं लेखा राजीव शर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बोर्ड खरीदेगा दो मेगावाट तक की परियोजनाएं
राज्य में दो मेगावाट तक की सभी निजी जल विद्युत परियोजनाओं की बिजली बोर्ड खरीद रहा है। ऊर्जा निगम द्वारा काशंग स्टेज एक परियोजना को शुरू कर दिया गया है।
जबकि काशंग चरण तीन, 111 मेगावाट की सावड़ा कुड्डू तथा 450 मेगावाट की शांगटांग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनका कार्य वर्ष 2018 तथा 2020-21 तक पूरा हो जाएगा।
हिमाचल में बिजली का सरप्लस उत्पादन
अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर ने बताया कि राज्य में सरपल्स बिजली उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश से बाहर बेची जा रही बिजली से चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 1100 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा।
पिछले वर्ष केवल 727 करोड़ की बिजली दूसरे राज्यों को बेची गई थी। उन्होंने चिंता जताई कि उत्पादन के मुकाबले दूसरे राज्यों से बिजली खरीद की मांग संतोषजनक नहीं है।