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दिमागी बुखार की चपेट में 6 मासूम, आईजीएमसी में भर्ती

Mon, 28 May 2018 01:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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बच्चों को दिमागी बुखार के मामलों से आईजीएमसी में हड़कंप मच गया। सोलन जिले के धर्मपुर इलाके से छह बच्चों को आईजीएमसी लाया गया है। एक बच्चे को तो गंभीर हालत के चलते आईसीयू में भर्ती किया गया है। दो से छह साल तक की उम्र के इन बच्चों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजा जा रहा है।

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उधर, एक ही इलाके से आधा दर्जन मामले सामने आने से सकते में आए स्वास्थ्य महकमे ने जांच टीम रवाना कर दी है। आईजीएमसी में ये सभी मामले सोलन के धर्मपुर के साथ लगते दियोठी क्षेत्र से आए हैं। बच्चों को खांसी, दौरा पड़ने की शिकायत के बाद सोलन अस्पताल लाया गया था।

यहां से आईजीएमसी रेफर किया है। यहां डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज चल रहा है। दिमागी बुखार के मामले सामने आने के बाद विभाग की टीम भी हरकत में आ गई है। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीएचएस) ने मामले की जानकारी लेकर एक टीम सोलन भेज दी है।
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टीम में माइक्रोबायोलॉजी, पीएसएम और दवा निरीक्षक शामिल हैं। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने कहा कि एक बच्चे को आईसीयू में रखा गया है। अन्य बच्चों की हालत में सुधार हुआ है। बच्चों के सैंपल पुणे भेजे जा रहे हैं। 

 दिमागी बुखार के लक्षण- सिरदर्द, तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, मिचली आना, सुस्ती या कमजोरी के अलावा उल्टी आती है। 

हृदय, लिवर और गुर्दों पर मार करता है बुखार- दिमागी बुखार की हालत में सिर में पानी भर जाता है। दिमाग की झिल्ली में सूजन आ जाती है। इसके चलते तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है। इस वजह से बीमार होने वाले लोगों की बोलने की शक्ति प्रभावित होने के अलावा हाथ तथा पैरों का कांपना, शरीर में अकड़न आती है।
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इसकी चपेट में आने से मरीज के हृदय, लिवर, गुर्दे आदि पर असर होने की संभावना रहती है। मल के साथ रक्त आने का खतरा बना रहता है।

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