न्यूनतम दिहाड़ी लागू करने और ओवरटाइम देने की मांग
एनएचएम के प्रबंध निदेशक के ओएसडी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में 108 व 102 एंबुलेंस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सीटू के साथ मिलकर लंबित मांगों को लेकर हल्ला बोला। यूनियन ने नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कार्यालय कसुम्पटी के बाहर नारेबाजी की और मांगों को पूरा करने का आह्वान किया।
यूनियन का प्रतिनिधिमंडल एनएचएम प्रबंध के निदेशक के ओएसडी डॉ. चेतन चौहान से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एनएचएम प्रबंधन, 108 व 102 एंबुलेंस संचालित करने वाली कंपनी और यूनियन के बीच त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जाए। प्रदर्शन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि अगर लंबित मांगों पर गौर नहीं किया तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि सेवाओं में कार्यरत पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी वर्षों से दिन-रात आपात परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कठिन परिस्थितियों, लंबे कार्य घंटों और लगातार आपातकालीन ड्यूटी के बावजूद कर्मचारियों को श्रम अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने न्यूनतम मजदूरी, 12 घंटे की ड्यूटी के लिए ओवरटाइम भुगतान, ईपीएफ एवं ईएसआई, वैधानिक छुट्टियां, साप्ताहिक अवकाश, वेतन कटौती, सेवा निरंतरता और नौकरी की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों ने सरकारी दर के अनुसार पूर्ण न्यूनतम मजदूरी समेत अन्य मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है। इस दौरान सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, कोषाध्यक्ष जगत राम, आशीष कुमार, अमित कुमार, बालक राम, विवेक कश्यप, रंजीव कुठियाला और 108 एवं 102 एंबुलेंस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।