राज्य सरकार ने ऑनलाइन बिल भुगतान की नई व्यवस्था की है।
हिमाचल प्रदेश में सभी विभागों के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। अब कर्मचारियों के मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने ऑनलाइन बिल भुगतान की नई व्यवस्था की है। इसके लिए अधिकतर विभागों, महालेखाकार कार्यालय और सरकार के तमाम कोषागारों को ऑनलाइन इंटरलिंक कर दिया गया है।
कर्मचारियों की तरह ही ये व्यवस्था अब पेंशनरों के लिए भी लागू करने की तैयारी हैं। प्रदेश में कर्मचारियों को मेडिकल बिलों के भुगतान में अक्सर देरी होती रही है। महीनों तक बिल लटके रहते हैं। इनका विभागों से लेकर कोषागारों और महालेखाकार कार्यालयों के चक्कर काटते-काटते कई महीनों बाद ही भुगतान हो पाता था। अब ऐसा नहीं होगा। सबकुछ ऑनलाइन होगा।
इसके लिए दस्तावेजों को भी ऑनलाइन ही स्कैन करना होगा। जैसे कर्मचारियों का वेतन ऑनलाइन आता है, वैसे ही अब मेडिकल बिलों का भी भुगतान ऑनलाइन होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने इसकी पुष्टि की कि नई व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। इससे अब मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी नहीं होगी। ये कैशलेस प्रणाली से जल्दी हो सकेगा।
अब ई चालान से जमा होगी लाइसेंस की फीस
सरकार ने ई चालान के तहत फीस जमा करने के आदेश जारी किए हैं।
रितेश गुलेरिया, बिलासपुर। फूड सेफ्टी एक्ट में बनने वाले लाइसेंस और अन्य जुर्माने की फीस अब सोसाइटी के खाते में जमा नहीं होगी। इसके लिए सरकार ने ई चालान के तहत फीस जमा करने के आदेश जारी किए हैं। पहले यह राशि बैंक के माध्यम से जमा होती थी। इसके दायरे में प्रदेश के तीन लाख से अधिक छोटे-बड़े कारोबारी आएंगे।
इसकी पुष्टि डेजिगनेटिड अधिकारी एलडी ठाकुर ने की है। पहले लाइसेंस फीस से लेकर जुर्माने तक की राशि बैंक में जमा की जाती थी। इसकी रसीद विभाग के पास जमा करवाई जाती थी। इस कारण राशि को टैली करने में कई परेशानियां पेश आ रही थीं। इसे ध्यान में रखने हुए सरकार ने अब ई चालान से पैसा जमा करने का फैसला लिया है।
नई योजना के अनुसार अब ई चालान से पैसा जमा होगा। ई चालान में कारोबारियों को तीन रसीद मिलेंगी। इनमें एक रसीद ट्रेजरी और दूसरी विभाग के पास जमा होगी। यह प्रक्रिया पूरा करने के लिए कारोबारियों को विभाग की साइट में हिमकोष सेल लिंक में आवेदन करना होगा।
इधर, विभाग के डेजिगनेटिड अधिकारी एलडी ठाकुर ने बताया कि पूर्व में उक्त राशि एचपी सोसाइटी ऑफ हेल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन के खाते में जमा होती थी। अब उक्त राशि ई चालान से जमा होगी। इसके लिए कारोबारियों को विभाग की वेबसाइट में हिमकोष सेल लिंक पर आवेदन करना होगा। इसका पूरा रिकॉर्ड ट्रेजरी में भी रहेगा।
नए एक्ट में चार मई तक बदले जा सकेंगे लाइसेंस- पुराने लाइसेंस को फूड एंड सेफ्टी एक्ट में बदलने के लिए कारोबारियों के पास चार मई का तक समय है। केंद्र से जारी आदेश के अनुसार पुराने कारोबारी चार मई तक ही इन्हें बदल सकते हैं। अगर चार मई तक कारोबारियों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की तो प्रति दिन का एक्ट के अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा।