रिपोर्ट के अनुसार स्पीति घाटी के सैकड़ों स्कूली बच्चों को करीब दो साल तक मिड-डे मील का चावल का कोटा दिया ही नहीं गया। मामला उजागर होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने चावल की सप्लाई करने वाली एजेंसी से लेकर स्कूल प्रभारियों से इसको लेकर रिपोर्ट मांगी है। लाहौल स्पीति में एसडीएम के पास ही उपनिदेशक शिक्षा का कार्यभार है।
ऐसे में निदेशालय ने एसडीएम से पूरे मामले की एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। इसके अलावा मिड-डे मील के तहत राशन की सप्लाई करने वाले खाद्य आपूर्ति निगम और राशन मुहैया करवाने वाली एजेंसी फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया से भी रिपोर्ट मांगी है।
इन दोनों एजेंसियों से पूछा गया है कि स्पीति घाटी के लिए अप्रैल 2014 से लेकर सितंबर 2016 तक मिड-डे मील के लिए कितना चावल आवंटित किया गया। किन अधिकारियों को यह सप्लाई सौंपी गई।