बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
बिजली संशोधन बिल 2020 के खिलाफ मंगलवार को प्रदेश भर में बिजली कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन, पावर इंजीनियर और डिप्लोमा कनिष्ठ अभियंता एसोसिएशन ने प्रदर्शन में भाग लिया। बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के आह्वान पर पूरे प्रदेश में मंडल और वृत्त स्तर पर भोजनावकाश के दौरान बिजली संशोधन बिल-2020 समेत कुछ राज्यों में बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए गए।
शिमला शहर में कार्यरत बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के बाहर उचित दूरी रखते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2020 केे आने से बिजली वितरण में कार्य कर रही कंपनियों को दो या इससे अधिक कंपनियों में बांटना अनिवार्य हो जाएगा। बिजली वितरण के मुनाफे वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में देने का रास्ता प्रशस्त हो जाएगा।
क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कई गुना इजाफा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संशोधन कानून 2020 को ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इस अवसर पर पावर इंजीनियर संघ के राज्य महासचिव तुषार गुप्ता, डिप्लोमा कनिष्ठ अभियंता के मुख्यालय इकाई के प्रधान भाग सिंह ठाकुर सहित बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी अशोक भारद्वाज, रोशन लाल, ओपी जस्टा, चंपा शर्मा, मनोज शर्मा, धर्म प्रकाश वर्मा, वीरेंद्र कंवर, हरीश शर्मा, अमित कुमार और हेम राज भारद्वाज मौजूद रहे।