हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड
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हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में कई वर्षों से कार्यरत 1240 आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी एक महीने के लिए बच गई है। कर्मचारी यूनियनों के विरोध के बीच बोर्ड प्रबंधन ने सेवाएं समाप्त करने का फैसला टाल दिया है। अब बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में इनका भविष्य तय होगा। उधर, बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन के इस फैसले के बाद 30 मार्च का प्रस्तावित प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया है।
बोर्ड प्रबंधन ने नवनियुक्त जूनियर टीमेट और जूनियर हेल्पर के पद संभालते ही इन कर्मियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया था। बीते कुछ दिनों में इस मामले को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन हो चुके हैं। ऊर्जा मंत्री ने पालमपुर दौरे के दौरान आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी से नहीं निकालने का बयान दिया था। शनिवार को प्रबंधन ने फिलहाल एक माह तक इन कर्मियों की सेवाएं खत्म करने का फैसला टाल दिया है। बोर्ड के कार्यकारी निदेशक कार्मिक ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं।
उधर, बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के तीस मार्च को प्रस्तावित प्रदर्शन के अल्टीमेटम के बीच शनिवार को प्रबंधन ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा की अगुवाई में प्रबंधन वर्ग के साथ बैठक हुई। यूनियन की 83 मांगों पर चर्चा के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक तैयारियां कर वार्ता के लिए बुलाने का आश्वासन दिया। प्रबंधक वर्ग ने सर्विस कमेटी बैठक को दो सप्ताह में बुलाकर जूनियर टीमेट, जूनियर हेल्पर, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी व अकाउंट्स तथा कंप्यूटर ऑपरेटर के पदोन्नति से जुड़े मसलो तथा कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े अन्य मुद्दों को शीघ्र निपटाने पर सहमति बनी।