विद्युत विनियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बिजली बोर्ड की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का अनुमान 8,636.16 करोड़ रुपये लगाया है। जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह 8,403.25 करोड़ था। समीक्षा के बाद आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली बोर्ड की आपूर्ति की औसत लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित की है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह 6.76 रुपये प्रति यूनिट थी। इस प्रकार, पिछले वर्ष की तुलना में वित्त वर्ष 2026-27 में एक पैसा प्रति यूनिट की कमी आई है। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 125 यूनिट निशुल्क बिजली मिलती रहेगी। साल 2025 में घरेलू दरें 15 पैसे प्रति यूनिट घटाई गई थी। अमर उजाला ने 11 दिसंबर 2025 के अंक में खबर प्रकाशित कर साल 2026-27 में बिजली की दरें नहीं बढ़ने का खुलासा किया था।
किस श्रेणी का कितना शुल्क
श्रेणी स्लैब बिजली यूनिट प्रति महीने प्रति किलोवाट-घंटा ऊर्जा शुल्क
घरेलू उपभोक्ता लाइफलाइन उपभोक्ता 0-60 4.71
अन्य उपभोक्ता 0-125 5.44
125 से अधिक पर 5.89
कृषि उपभोक्ता 0-20 केवीए ......... 5.03
गैर घरेलू 0-20 केवीए ...... 6.37
व्यावसायिक 20 केवीए से अधिक 6.11
व्यावसायिक >20-100 केवीए 6.30
लघु उद्योग >20केवीए50केवीए 5.60
मध्यम उद्योग 50-100 केवीए 5.60
बड़े उद्योग
ईएचटी-220 केवी और उससे ऊपर 5.45
ईएचटी-132 केवी और उससे ऊपर 5.50
ईएचटी-66 केवी और उससे ऊपर 5.55
एचटी-1 5.85
एचटी-2 5.60
सिंचाई और पेयजल आपूर्ति
एलटी 6.41
एचटी 6.01
ईएचटी 5.61
थोक आपूर्ति
एलटी 6.17
एचटी 5.67
ईएचटी 5.47
स्ट्रीट लाइटिंग 6.36
अस्थायी आपूर्ति 0-20 केवीए 8.29
>20-200 केवीए 7.67
रेलवे 6.29
ईवी चार्जिंग 6.78