स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने किया बजट का प्रावधान
एचआरटीसी से मांगा है विस्तृत प्रस्ताव
शहर में अभी चल रही 50 इलेक्ट्रिक बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को स्मार्ट और प्रदूषण रहित बनाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इलेक्ट्रिक बसें और छोटी गाड़ियां खरीदी जा सकेंगी। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती तौर पर अभी 15 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।
एचआरटीसी से इस बारे में विस्तृत प्रस्ताव बनाने को कहा है। 20 दिसंबर को होने वाली स्मार्ट सिटी के निदेशक मंडल की बैठक में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। शहर में अभी 50 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। इनमें 30 बड़ी जबकि 20 छोटी बसें हैं। कई इलेक्ट्रिक वैन टैक्सियां भी शहर में चलाई जा रही हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन से एचआरटीसी को काफी फायदा हो रहा है। इससे प्रदूषण भी नहीं फैल रहा। साथ ही इनके चलने से ज्यादा आवाज भी नहीं होती। दूसरी ओर शहर में स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट क्लीयरेंस के फेर में फंसे हैं। ऐसे में आगामी तीन महीनों में इस मिशन का पैसा ऐसे कामों में लगाने का प्रयास है जिससे बिना किसी अड़चन जनता को जल्द सुविधा मिल सके। इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि प्रस्ताव मिलने के बाद बजट और भी बढ़ाया जा सकता है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जीएम ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे शहर को फायदा होगा।