फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एप्पल बेल्ट पर कई सालों से बदहाल सड़कों की मार, नहीं ली किसी ने सुध

Sat, 30 Sep 2017 02:59 PM IST
विपिन काला/सुभाष सेन/अमर उजाला, रामपुर बुशहर
विज्ञापन
विज्ञापन
एप्पल बेल्ट की पहचान रखने वाले रामपुर इलाके की सड़कें बदहाल हैं। कई वर्षों से रोड कनेक्टिविटी में सुधार की मांग उठा रहे लोगों की सुध किसी सरकार ने नहीं ली है। नतीजतन सेब से लेकर पर्यटन सीजन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन


ऐसे में विधानसभा चुनाव में रामपुर की बदहाल सड़कें मुद्दा बन सकती हैं। इलाके की लाइफलाइन सड़कें लंबे समय से बेहाल हैं और पिछले पांच सालों में भी इन पर ज्यादा काम नहीं हो पाया है।

नतीजतन क्षेत्र के बागवानों और किसानों को फसल की उपज मंडी तक पहुंचाने में नुकसान झेलना पड़ रहा है। पर्यटन प्रभावित है। रामपुर (आरक्षित) विधान सभा क्षेत्र की सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
विज्ञापन


देवठी के बागवान राकेश और मनोज कहते हैं कि उनके क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब होने के कारण नुकसान हुआ है। बरसात के दौरान सड़कें ज्यादा खराब रहती हैं। रास्ता बंद हो जाए तो लोक निर्माण विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता।

बसें चलाने से निगम का परहेज
खस्ताहाल सड़कों पर बसों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम अपनी बसें भेजने से परहेज कर रहा है। एचआरटीसी के अधिकारी दलील देते हैं कि सड़कों की खराब हालत में बसों को नहीं भेजा जा सकता है। बसें भेजने से आमदनी हो नहीं रही और बसों को नुकसान ज्यादा हो रहा है।

रामपुर उपमंडल में सड़कें खस्ताहाल

रामपुर उपमंडल की कूहल-पटैना, देवठी-श्राईकोटी, दारनघाटी, उच्ची-शाह, किन्नू-भगावट, ज्यूरी-कूट, तकलेच-दर्काली, समेज-सरपारा, मुनीश-बाहली, ज्यूरी-सराहन, नवारू-बौंडा सड़कें खस्ताहाल हैं। हालांकि बीते कई वर्षों से काशापाट सड़क निर्माणाधीन है और लोगों को सड़क सुविधा से वंचित रहना पड़ा है।

रामपुर में दो लाख पेटी सेब की सालाना पैदावार 
रामपुर व आसपास के इलाकों में सालाना सवा दो लाख पेटी सेब की पैदावार होती है। लेकिन बदहाल सड़कों से सेब की समय पर सप्लाई टेढ़ी खीर बन जाती है। सेब ढुलाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। बागवान इंद्रजीत, सूरत सिंह, राजपाल, केसी चौहान

ने कहा कि इस साल सीजन में सड़कें खराब होने के कारण सेब की ढुलाई पर अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ी। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। संपर्क सड़कें बंद होने के कारण सेब की ढुलाई समय पर न होने के कारण मंडी में सेब कम दाम में बिका।

पांच महीने से बंद है सड़क, पर्यटन समेत अन्य कारोबार चौपट

पांच मई से पड़ी सराहन सड़क से पर्यटन समेत अन्य व्यवसाय चौपट हो गए हैं। पर्यटन विभाग के सराहन श्रीखंड होटल के प्रबंधक शिव कुमार का कहना है कि उनको अभी तक पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 लाख का नुकसान हुआ है।

मुख्य सड़क बंद है जबकि दूसरी सड़क खराब होने से कई बुकिंग रद्द हुई हैं। निजी होटल मालिक कृष्ण खिंगटा, सोहन पांटू और हीरा सोनी का कहना है कि रोड कनेक्टिविटी टूटने से कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। 50 प्रतिशत काम भी नहीं रह गया है।

व्यापारी राजेश कुमार, हरदयाल सोनी, सतपाल, विकेश, धर्मपाल और बलदेव का कहना है कि सड़क बंद रहने से उनके व्यवसाय में 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। सरकार और लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी के चलते आम लोगों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मंदी में गुजरे नवरात्र

सराहन भीमाकाली मंदिर में नवरात्रों के दौरान पश्चिम बंगाल से हर रोज हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं, जो इस बार रास्ता बंद होने से नहीं आए। इसी तरह से श्राईकोटी मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। सड़क की हालत खराब होने के कारण यहां भी पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हुआ है।  

सड़कों पर खर्च होंगे 100 करोड़ 
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन केके कौशल ने सड़कों की बदहाल स्थिति स्वीकारते हुए कहा कि रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और नाबार्ड के तहत सौ करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। दो साल के भीतर क्षेत्र की सभी सड़कें पक्की हो जाएंगी। विभाग ने टेंडर अवॉर्ड करके सड़कों में काम शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें