हिमाचल के विभिन्न जिलों में भी ईद उल्ल जुहा का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। शिमला के ईदगाह समेत अन्य जिलों में भी तीन दिन तक मनाए जाने वाले इस त्यौहार के उपलक्ष्य पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
इसके अलावा चंबा के तेलका इलाके में भी समुदाय के लोगों ने शाहण ईदगाह में नमाज अता की। इस मौके पर मोलवी बशीर मोहम्मद ने नमाज के वक्त खुतवा पढ़कर सुनाया। उन्होंने उपस्थित मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद उल्ल जुहा की एहमियत बताई।
उन्होंने बताया कि हमारे पैंगाबर हजरत इब्राहिम अल्लही सलाम को एक बार सपना पड़ा था। सपने में खुदा ने पैंगाबर को अपने बड़े बेटे हजरत इस्माईल अल्लही सलाम की कुर्बानी देने को कहा।
खुदा के फरमान पर जब हजरत इब्राहिम अल्लही सलाम ईद के दिन अपने बेटे को कुर्बान करने लगा था तो खुदा का चमत्कार हुआ और ईस्माईल की जगह बकरी का दुंबा मैमना प्रकट हो गया। इसी की याद में तीन दिन तक ईद उल्ल जुहा का त्यौहार मनाया जाता है।
इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग कई प्रकार की कुर्बानियां देते हैं। इसमें बकरी, भेड़ के दुंबे की कुर्बानी के अलावा अन्य कुर्बानियां दी जाती है।
स्वच्छता की खाई कसम
ईद उल्ल जुहा के उपलक्ष्य पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली। शाहण ईदगाह में ईद के मौके पर नमाज के लिए एकत्रित हुए हामिद खान, सलीम, बशीर मोहम्मद, रमजान, नजीर अहमद, शबीर मोहम्मद, ईशा मोहम्मद, याकूब, मुस्ताक शहजाद, मुबारक व आरिफ इत्यादि ने बताया कि उन्होंने मिलकर इस पावन दिन पर स्वच्छता का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने शपथ ली है कि वह अपने आस पास के वातावरण को साफ सुथरा रखेंगे। इसके साथ ही अपने आस पड़ोस वालों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे, ताकि एक स्वच्छ भारत का निर्माण किया जा सके।