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आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडे और पनीर-कढ़ी की योजना ने तोड़ा दम

Sun, 18 Nov 2018 12:48 PM IST
शुभम राही, अमर उजाला, बिलासपुर
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बजट न मिलने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को अंडा खिलाने की योजना बंद हो गई। जो बच्चे अंडा नहीं खाते, उनके लिए पनीर-कढ़ी शुरू की गई थी, लेकिन वह भी बंद हो गई है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सादा भोजन ही दिया जा रहा है जैसे पहले दिया जाता था। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे में बच्चों को कैसे पौैष्टिक आहार मिलेगा।

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दरअसल, प्रदेश सरकार ने ट्रायल बेस पर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले आहार में अंडा शामिल किया था। सोमवार और शुक्रवार को नौनिहालों को अंडा खिलाया जाता था लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से इस योजना पर बजट न जारी होने के चलते इस पौष्टिक आहार को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। 

साल 2018 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 7518 कुपोषित बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में हैं। इन बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस आहार को  आंगनबाड़ी केंद्रों में जोड़ा था। लेकिन शुरुआती चरण में ही कम बजट और परिजनों की आपत्ति ने योजना बंद ही करवा दी। अब बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में सिर्फ रुटीन आहार ही दिया जा रहा है। 
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कहां कितने कुपोषित बच्चे
विभागीय जानकारी के मुताबिक कांगड़ा में 4506, सोलन में 271, सिरमौर में 1007, मंडी में 472, शिमला में 85, ऊना में 310, हमीरपुर में 194, कुल्लू में 453, किन्नौर में 36 व बिलासपुर में 189 कुपोषित बच्चे हैं। शुरुआती चरण में इन बच्चों को अंडा दिया गया लेकिन बजट जारी न होने पर यह योजना बंद हो गई। 

बजट जारी न होने पर अंडा और पनीर और कढ़ी आहार भी बंद कर दिया है। इन दोनों आहार में बजट जारी ही नहीं होने पर इस योजना को बंद कर दिया। - नीलम टाडू, बाल विकास परियोजना अधिकारी बिलासपुर

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