शिमला। माकपा ने विवि में बिना प्रवेश परीक्षा पीएचडी में दाखिला देने के खिलाफ डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। माकपा नेताओं विवि प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गलत ढंग से रेगुलेशन, आर्डिनेंस को दर किनार कर दिए गए सीधे दिए गए पीएचडी प्रवेश को रद्द करने की मांग की।
माकपा का आरोप है कि विश्वविद्यालय को आरएसएस और भाजपा का अखाड़ा बनाने का प्रयास किया जा रहा है, यह सब सरकार की शह पर किया जा रहा है। कोर्स में प्रवेश और भर्ती में योग्यता को दरकिनार कर सिर्फ अपने चहेतों को तवज्जो दी जा रही है। यही वजह है कि विवि एक धांधलियों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे विवि की साख भी खराब हो रही है। माकपा की लोकल कमेटी के सचिव बाबु राम ने कहा कि पीएचडी दाखिले में आलाधिकारियों के बच्चों को सीधे प्रवेश देना एक ओर जहां सालों से मेहनत कर टेस्ट पास कर बैठे छात्रों से धोखा है, वहीं इससे विवि का शैक्षणिक स्तर पर भी गिरेगा। भाजपा और आरएसएस की धांधलियों यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। अपने कार्यकर्ताओं को दीन दयाल उपाध्याय पीठ में सीधे पीएचडी में प्रवेश दिलवाया जा रहा है, इसी पीठ में पत्रकारिता की डिग्री देने के लिए प्रयास हो रहे है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन विवि के अध्यादेश और एक्ट, यूजीसी रेगुलेशन की सीधे तौर पर अनदेखी कर रहा है ।