उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना न करने पर शिक्षा सचिव और निदेशक को हाईकोर्ट के समक्ष हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न दोनों को दंडित किया जाए। मामले पर अगली सुनवाई चार अक्तूबर को होगी।
प्रार्थी का आरोप था कि प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 14 अगस्त 2018 को अपना निर्णय प्रार्थी के पक्ष में सुना दिया था, लेकिन शिक्षा विभाग इस निर्णय को अनुपालना करने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहा है।
प्रार्थी निजी प्रबंधन के चलाए जा रहे कांगड़ा जिला के चंद्रधर गुलेरी डिग्री कॉलेज हरिपुर में कार्य कर रहा था। इस कॉलेज को 20 अप्रैल 2007 को राज्य सरकार ने अपने अधीन ले लिया था। प्रार्थी को सरकारी कॉलेज में नियमित तौर पर न ऑब्जर्व किए जाने पर प्रार्थी ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की थी।