हिमाचल सरकार में अहम पदों पर आसीन अधिकारियों और मंत्रियों की ओर से गाड़ियों में सायरन या हूटर का प्रयोग किए जाने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव परिवहन और सचिव गृह को नोटिस जारी कर जवाबतलब किया है।
हिमाचल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उक्त आदेश पारित किए। एसोसिएशन ने अदालत के ध्यान में लाया कि सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के अनुसार गाड़ियों में सायरन या हूटर का इस्तेमाल किया जाना गैर कानूनी है, जबकि राज्य सरकार के अहम पदों पर आसीन अधिकारियों और मंत्रियों की गाड़ियां सायरन या हूटर के साथ सड़कों पर दौड़ती हैं।
प्रार्थी एसोसिएशन ने दलील दी है कि जिस सरकार के मुख्यमंत्री ने अपनी तीन-तीन कारों में सायरन या हूटर लगा रखा हो तो औरों से क्या अपेक्षा रखी जा सकती है कि सुप्रीमकोर्ट के आदेशों कि अनुपालना की जाए। प्रार्थी एसोसिएशन ने अदालत को बताया कि सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी से पता लगा है कि सचिवालय कि 42 गाड़ियों में सायरन और हूटर लगाया गया है।
इनमें तीन गाड़ियां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की हैं। प्रार्थी एसोसिएशन ने अदालत से गुहार लगाईं है कि राज्य के मुख्य सचिव को आदेश दिए जाएं कि सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए इन सभी गाड़ियों के सायरन या हूटर तुरंत प्रभाव से हटाए जाएं और किसी भी ओहदे वाले व्यक्ति की और से इसका इस्तेमाल किया जाना गैर कानूनी करार दिया जाए। मामले की सुनवाई 22 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।