मंत्री ने कहा कि सरकार मेधावी छात्रों को कोचिंग देने के लिए एक लाख रुपये प्रति छात्र देगी। योजना का लाभ छात्रों को मेरिट के आधार पर मिलेगा। पूर्व कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले बिना बजट खोले 21 कालेज चालू रखे हैं जबकि पांच कॉलेजों में बच्चों ने दाखिला नहीं लिया है। सरकार ने कोई कॉलेज बंद नहीं किया है। सरकार ने बैच आधार पर 5 हजार शिक्षकों को भर्ती किया है। शिक्षकों के पद 50 फीसदी सीधे और 50 फीसदी बैच आधार पर भरे जा रहे हैं।
सीबीआई को सौंपी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच
शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। यह घोटाला पूर्व कांग्रेस सरकार में हुआ है। इस घोटाले में बाहरी राज्यों के शिक्षण संस्थान भी शामिल रहे हैं। स्मार्ट वर्दी के सैंपल तय मापदंड के अनुसार नहीं थे और खाद्य आपूर्ति निगम ने टेंडर मंजूर नहीं किए। मंत्रिमंडल ने नए सिरे से वर्दी के टेंडर मंगाने का फैसला लिया है। नए शिक्षा सत्र में छात्रों के वर्दी मिल जाएगी। पानी की बोतलें देने की योजना शिक्षा विभाग की नहीं है।
निजी शिक्षण संस्थानों पर निगरानी के लिए कमीशन
मंत्री ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों पर निगरानी रखने को हिमाचल प्रदेश एजुकेशन रेगुलेटरी कमीशन बना हुआ है। इस संबंध में बना एक्ट हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित है। निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए संबंधित उप निदेशकों से कहा गया है ताकि निजी स्कूलों को कमाई का साधन बनाने से रोका जा सके।
मैं तबादला मंत्री नहीं, सीएम के आदेश लागू कराता हूं
भारद्वाज ने तबादला मंत्री के सवाल पर कहा कि मैंने कोई तबादला नहीं किया है। मुख्यमंत्री जो भी आदेश जारी करते हैं, उन्हें लागू करना मेरा दायित्व रहता है। जब पूछा गया कि आप पर माकपा नेता आरोप लगाते रहे हैं कि आप नगर निगम शिमला में हस्तक्षेप करते रहे हैं? इस पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मैं आज स्थानीय विधायक के रूप में नहीं शिक्षा मंत्री के रूप में बोलने आया हूं।
विधायक के रूप में अलग से बात करूंगा। कहा कि स्थानीय विधायक होने के कारण नगर निगम शिमला में हस्तक्षेप करना मेरा दायित्व भी है। माकपा नेताओं ने पांच साल में कोई काम नहीं किया और चुनाव में ये नेता अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए।