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छात्र संख्या बढ़ाने को फील्ड में उतरेंगे सीएम, मंत्री और अफसर, बनाई ये योजना

Sat, 07 Jul 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में लगातार कम हो रही छात्र संख्या से चिंतित प्रदेश सरकार ने इनरोलमेंट बढ़ाने के  लिए नई योजना बनाई है। मंत्रियों और विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी खुद सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए फील्ड में उतरेंगे। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए ये वीआईपी उन स्कूलों में व्याख्यान देंगे, जहां से इन्होंने पढ़ाई की है।

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बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ अभिभावकों में भी सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ाया जाएगा। ऊंचे ओहदों पर काम कर रहे पूर्व छात्रों की भी सरकार मदद लेगी। अधिकारियों को भी इसका जिम्मा सौंपा जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सरकारी स्कूलों को और बेहतर बनाने के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।

शुक्रवार को शिक्षा मंत्री की ओर से इस बाबत विभाग की वेबसाइट पर एक पत्र भी जारी किया गया। लोग अपने सुझाव शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को भेज सकते हैं। इस पत्र में कहा गया है कि सरकार का अखंड शिक्षा कार्यक्रम किसी श्रेणी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़े कई लोग देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं।

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सरकारी स्कूलों में बेहतर हैं शिक्षक

उन्होंने ऐसी विभूतियों से भी सरकारी स्कूलों के उत्थान को आगे आने की अपील की है। मंत्री ने कहा है कि  सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने और शिक्षा क्षेत्र में राज्य का स्तर बनाए रखने के लिए ‘अखंड ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना शुरू की गई है। इसके तहत सरकारी स्कूलों से पढ़ चुकी विभूतियों को उनके स्कूलों से दोबारा जोड़ा जाएगा।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज का कहना है कि सरकारी स्कूलों के 99 फीसदी शिक्षकों की शिक्षा का स्तर निजी क्षेत्र की तुलना में कई गुना बेहतर है। सरकारी और निजी स्कूलों में अधोसंरचना में कुछ अपवाद छोड़कर बहुत अधिक अंतर नहीं है। अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित नहीं करने के चलते सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटी है।
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