शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता हिमाचल प्रदेश में ऑपरेशन लोटस फेल होने से पूरी तरह से बौखला गए हैं। धनबल का इस्तेमाल कर विधायकों को खरीदा, लेकिन भाजपाइयों के मुख्यमंत्री व मंत्री बनने के मंसूबे धरे के धरे रह गए। भाजपा नेताओं के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दुख का सबसे बड़ा कारण हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के सभी दरवाजों को बंद कर दिया है और उनकी लूट की दुकान बंद कर दी है।
'बागवानों की सालों पुरानी मांग को किया पूरा'
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सुक्खू एक साधारण परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचे हैं। मात्र सवा साल के छोटे से कार्यकाल में अनाथ बच्चों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना बनाई और अब उनकी देखभाल का जिम्मा कानूनी रूप से सरकार का है। यही नहीं, दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। साथ ही मनरेगा की दिहाड़ी में ऐतिहासिक 60 रुपये की वृद्धि की, दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी बढ़ाकर 400 रुपये की। सरकार ने अपने दूसरे बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। बागवानों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा किया गया है।
'भाजपा ने पांच साल कर्ज के सहारे चलाई सरकार'
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सवा साल के कार्यकाल का हिसाब मांगने वाले भाजपा नेता अपने पांच साल का हिसाब जनता को दें। भाजपा ने केवल मात्र कर्ज के सहारे पांच साल सरकार चलाई और आर्थिक संसाधन जुटाने पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश आर्थिक रूप से बदहाल बना। अपनी मौजमस्ती और चुनावी लाभ के दृष्टिगत भाजपा ने अपने कार्यकाल के अंतिम साल में 16000 करोड़ रुपये से अधिक का दुरुपयोग किया।