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Himachal: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ की बैठक, इन मांगों को उठाया

Thu, 06 Mar 2025 05:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा। 
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ की बैठक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक बैठक की। इस बैठक में हिमाचल में शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के साथ ही हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सभी बच्चों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बच्चों को बेहतर पोषण और मजबूत संस्थागत बुनियादी ढांचा मजबूत करने सहित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान समग्र शिक्षा के निदेशक राजेश शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे।  शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तरी भारत में कोई क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान नहीं है, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकास में बाधा आ रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तरी भारत के लिए हिमाचल प्रदेश में एक क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान स्थापित होने से शैक्षिक सहायता प्रणाली को सुदृढ़ करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार में मदद मिलेगी। 

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आपदा प्रभावित स्कूलों के लिए 200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने का आग्रह
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल में आपदा से प्रभावित स्कूलों को मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के 1,100 से अधिक स्कूलों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। शिक्षा मंत्री ने 200 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की ताकि क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को तुरंत ठीक किया जा सके और आपदा प्रबंधन योजना बनाई जा सके।  शिक्षा मंत्री ने हिमाचल में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के बच्चों को कनेक्टिविटी व परिवहन की समस्या के कारण केंद्रीय विद्यालय तक पहुंच नहीं है। इसके लिए केंद्र सरकार से हिमाचल में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की गई है।

 

मिड-डे मील वर्करों की संख्या बढ़ाने की मांग
शिक्षा मंत्री ने हिमाचल के स्कूलों में चल रही मिड-डे मील के के वर्करों की संख्या बढ़ाने का मामला केंद्रीय मंत्री के सामने राखा। मौजूदा समय में वर्करों और छात्रों 1:25 के अनुपात से वर्करों की  नियुक्ति की जाती है, शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुपात पर्याप्त नहीं है, इसे 1:15  किया जाना चाहिए  ताकि भोजन की गुणवत्ता में सुधार हो और बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके। शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से मिड-डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाने की मांग की। केंद्र सरकार इसे 90ः10 फीसदी अनुपात में वहन करे।   शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री से हिमाचल सरकार की ओर से चलाई जा रही पोषाहार  योजना को मजबूत करने के लिए 5 फीसदी के हिसाब से फ्लेक्सी फंड से सालाना 5.72 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। 

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियानके तहत फंड जारी करने की मांग
शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत हिमाचल के लंबित 59.5 करोड़ की राशि जारी करने की भी मांग की।  इस योजना के तहत 310 करोड़ रुपये का अनुदान उच्च शिक्षा के सुधार के लिए मिला था, जिसमें से अब तक 250.5 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 249 करोड़ खर्च हो चुके हैं, जबकि शेष 59.5 करोड़ अब भी जारी होने बाकी हैं। इसे जल्द जारी करने की मांग रखी गई ताकि उच्च शिक्षा को और मजबूती दी जा सके।
 

स्कूली बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने का किया आग्रह
शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से स्कूली बच्चों के लिए यूनिफार्म उपलब्ध कराने का आग्रह किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 1 से 8 तक के 89,000 विद्यार्थियों को वर्दी नहीं मिलने के कारण उनकी उपस्थिति और आत्मविश्वास पर असर पड़ रहा है। खासकर, सामान्य वर्ग के बच्चों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार ने अनुरोध किया कि सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाए, जिससे सभी बच्चों को समान अवसर मिल सके और शिक्षा व्यवस्था समावेशी बने। शिक्षा मंत्री ने हिमाचल में अटल आदर्श विद्यालयों के बुनियादी बुनियादी ढांचे के लिए 62.92 करोड़ का फंड जारी करने की मांग की। 
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शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना के लिए भी केंद्रीय मदद मांगी।  शिक्षा मंत्री ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सुधार की मांग की और इसके लिए केंद्र सरकार से 90ः10 के अनुपात में केंद्र सरकार से धनराशि जारी करे की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मिड-डे मील वर्करों का मानेदय और स्कूली बच्चों को यूनिफार्म देने के मसले पर कहा कि ये पाॅलिसी मैटर है।  उन्होंने कहा कि इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल की ओर से रखी सभी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया।
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